नई दिल्ली, 19 अगस्त (केएनएन) वाणिज्य विभाग ने भारतीय निर्यातकों को नई स्थिरता-संबंधित व्यापार आवश्यकताओं को समझने और तैयार करने में मदद करने के लिए यूरोपीय संघ कार्बन सीमा समायोजन तंत्र (ईयू सीबीएएम) नियमों पर एक जागरूकता सत्र आयोजित किया।
वाणिज्य भवन में राष्ट्रीय प्रमाणन निकाय प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीसीबी) और इंजीनियरिंग निर्यात संवर्धन परिषद (ईईपीसी) के सहयोग से आयोजित सत्र में लगभग 100 निर्यातकों और उद्योग हितधारकों ने भाग लिया।
प्रतिभागियों को सीबीएएम प्रयोज्यता, कवर किए गए उत्पादों, एम्बेडेड उत्सर्जन गणना, डेटा संग्रह और रिपोर्टिंग, मान्यता और सत्यापन आवश्यकताओं के बारे में जानकारी दी गई। लौह एवं इस्पात और एल्युमीनियम क्षेत्रों को कवर करने वाले केस अध्ययनों पर भी चर्चा की गई।
वाणिज्य विभाग के संयुक्त सचिव अमित वर्मा ने कहा कि निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उभरती स्थिरता आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त रूप से सूचित और तैयार रहने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि विभाग चिंताओं को दूर करने और व्यावहारिक समाधान की सुविधा के लिए उद्योग और हितधारकों के साथ जुड़ रहा है।
एनएबीसीबी के सीईओ एन वेंकटेश्वरन ने उत्सर्जन डेटा के लिए विश्वसनीय मान्यता और सत्यापन प्रणालियों के महत्व पर प्रकाश डाला, जबकि पंकज ने
ईईपीसी के अध्यक्ष चड्ढा ने निर्यात आपूर्ति श्रृंखला में विश्वसनीय उत्सर्जन-संबंधी डेटा की आवश्यकता पर बल दिया।
सत्र का समापन सीबीएएम अनुपालन और कार्यान्वयन पर बातचीत और प्रश्नोत्तरी के साथ हुआ।
(केएनएन ब्यूरो)

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