
गाजा में 20 साल बाद मतदान: दीर अल-बलाह में नगरपालिका चुनाव के जरिए एकता का संदेश
अमेरिकी योजना के विरोध और वेस्ट बैंक से अलगाव के डर के बीच फिलिस्तीनियों ने डाला वोट, हमास ने उम्मीदवार नहीं उतारे
गाजा/दीर अल-बलाह, 23 अप्रैल — तसनीम न्यूज़: गाजा पट्टी के दीर अल-बलाह शहर में फिलिस्तीनियों ने करीब दो दशक बाद मतदान किया। यह वोट फिलिस्तीनी प्राधिकरण (पीए) के नगरपालिका चुनावों का हिस्सा है, जिसे स्थानीय लोग राष्ट्रीय एकता के प्रदर्शन के रूप में देख रहे हैं। यह कदम उस अमेरिकी योजना के खिलाफ संदेश माना जा रहा है, जिसे फिलिस्तीनी गाजा को वेस्ट बैंक से अलग करने की कोशिश के रूप में देखते हैं।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, दीर अल-बलाह में हुआ यह मतदान 2006 के बाद गाजा में किसी भी प्रकार का पहला चुनाव है। 2006 में हुए विधायी चुनावों में हमास की जीत के बाद गाजा की सत्ता समीकरण बदल गए थे। इसके बाद हमास और राष्ट्रपति महमूद अब्बास के नेतृत्व वाली फतह पार्टी के बीच संघर्ष हुआ, जिसने अंततः गाजा को हमास के नियंत्रण में ला दिया।
इस बार का चुनाव प्रतीकात्मक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलिस्तीनी प्राधिकरण ने जनवरी में घोषणा की थी कि वह नगरपालिका चुनावों को “जहां तक संभव हो” गाजा तक विस्तारित करेगा। विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम गाजा को भविष्य के संभावित फिलिस्तीनी राज्य का हिस्सा दिखाने की कोशिश है।
दीर अल-बलाह शहर की सड़कों पर विभिन्न उम्मीदवारों की सूचियों के बैनर और पोस्टर नजर आए। मतदान के लिए कुल 12 केंद्र बनाए गए, जिनमें खुले मैदान और अस्थायी टेंट भी शामिल हैं। स्थानीय चुनाव आयोग के अनुसार, करीब 70,000 लोग मतदान के पात्र थे।
चुनाव प्रक्रिया और सुरक्षा
फिलिस्तीनी केंद्रीय चुनाव आयोग के प्रवक्ता फरीद तमाल्ला ने बताया कि दीर अल-बलाह को इसलिए चुना गया क्योंकि यह गाजा के अन्य हिस्सों की तुलना में कम क्षतिग्रस्त है। हाल के संघर्षों में गाजा के बड़े हिस्से को भारी नुकसान हुआ है, जिससे चुनाव कराना मुश्किल हो गया था।
सुरक्षा को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। हमास, जो गाजा पर नियंत्रण रखता है, ने मतदान केंद्रों की सुरक्षा के लिए पुलिस और सुरक्षा बलों को तैनात करने का निर्णय लिया है। हालांकि, हमास ने इस चुनाव में अपने उम्मीदवार नहीं उतारे हैं और न ही किसी उम्मीदवार का समर्थन किया है।
राजनीतिक मतभेद और बहिष्कार
हमास ने चुनाव से दूरी बनाते हुए राष्ट्रपति अब्बास के उस आदेश का विरोध किया है, जिसमें उम्मीदवारों के लिए कुछ शर्तें रखी गई हैं, जिनमें इजरायल की मान्यता जैसे मुद्दे शामिल हैं। इसी कारण हमास ने चुनाव में भाग नहीं लिया।
अन्य कुछ गुटों ने भी इस मतदान का बहिष्कार किया है। इसके चलते वेस्ट बैंक के कई नगर परिषदों में फतह पार्टी के उम्मीदवारों की जीत की संभावना मजबूत मानी जा रही है।
हमास के प्रवक्ता हाज़ेम क़ासिम ने कहा कि उनका संगठन चुनाव परिणामों का सम्मान करेगा। हालांकि, राजनीतिक मतभेदों के बावजूद चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण बनाए रखने पर जोर दिया गया है।
पृष्ठभूमि और वर्तमान स्थिति
गाजा में 2006 के बाद से कोई बड़ा चुनाव नहीं हुआ था। हमास और फतह के बीच सत्ता संघर्ष के कारण राजनीतिक प्रक्रिया लंबे समय तक ठप रही। इसके अलावा, इजरायल और गाजा के बीच लगातार तनाव और सैन्य कार्रवाई ने हालात को और जटिल बना दिया।
अक्टूबर 2025 में हुए युद्धविराम के बाद इजरायली सेना ने गाजा के कुछ हिस्सों से वापसी की थी। इसके बावजूद, रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल अभी भी गाजा के 53% से अधिक क्षेत्र पर नियंत्रण बनाए हुए है।
हाल ही में हमास ने गाजा के तटीय इलाकों और दीर अल-बलाह सहित कुछ क्षेत्रों पर फिर से नियंत्रण स्थापित किया है। यह स्थिति चुनावों के आयोजन के लिए आंशिक रूप से अनुकूल मानी जा रही है।
आगे क्या?
विश्लेषकों का कहना है कि यह चुनाव भले ही सीमित स्तर पर हो रहा हो, लेकिन इसका राजनीतिक महत्व बड़ा है। यह फिलिस्तीनी एकता और गाजा-वेस्ट बैंक संबंधों के भविष्य को लेकर संकेत देता है।
आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि क्या इस तरह के चुनाव व्यापक राजनीतिक प्रक्रिया को पुनर्जीवित कर पाते हैं या फिर आंतरिक मतभेद और क्षेत्रीय तनाव इसे प्रभावित करते रहेंगे।
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