
नई दिल्ली, 2 दिसंबर (केएनएन) केंद्र ने चालू वित्त वर्ष में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (एमजीएनआरईजीएस) के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 68,393.67 करोड़ रुपये जारी किए हैं।
26 नवंबर, 2025 तक की रिलीज़ को कवर करने वाला अपडेट सोमवार को लोकसभा में ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा साझा किया गया।
मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल को छोड़कर हर राज्य के लिए वित्त वर्ष 2024-25 तक सभी स्वीकार्य लंबित वेतन देनदारियों को मंजूरी दे दी गई है।
उन्होंने कहा कि वेतन भुगतान सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) के माध्यम से प्रतिदिन संसाधित किया जाता है, राज्यों द्वारा स्थानांतरण आदेश जारी करने के बाद धन सीधे लाभार्थियों को जमा किया जाता है।
वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक जारी किए गए कुल फंड में से 57,853.62 करोड़ रुपये मजदूरी से संबंधित हैं, जबकि 10,540.05 करोड़ रुपये सामग्री और प्रशासनिक खर्चों के लिए आवंटित किए गए हैं।
मंत्री ने कहा कि इन घटकों के लिए फंड जारी करना श्रम बजट, काम की मांग, उपयोग पैटर्न, लंबित देनदारियों और राज्यों द्वारा आवश्यक दस्तावेजों को जमा करने पर आधारित है।
चौहान ने दोहराया कि एमजीएनआरईजीएस एक मांग-संचालित योजना है और इसमें राज्य-वार फंड आवंटन नहीं होता है।
पश्चिम बंगाल में योजना को फिर से शुरू करने के संबंध में, मंत्री ने कहा कि सरकार कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा 18 जून 2025 के आदेश में जारी निर्देशों का पालन करने के लिए तौर-तरीकों में संशोधन कर रही है।
(केएनएन ब्यूरो)

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