
नई दिल्ली, 19 मई (केएनएन) केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की है कि संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य, आधुनिक तकनीक अपनाने और किसान जागरूकता पर ध्यान केंद्रित करते हुए 1 जून से एक राष्ट्रव्यापी “खेत बचाओ अभियान” शुरू किया जाएगा।
भुवनेश्वर में पूर्वी क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए, मंत्री ने नकली उर्वरकों, नकली कीटनाशकों और घटिया बीजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आह्वान किया।
सम्मेलन में दलहन और तिलहन उत्पादन, एकीकृत खेती, प्राकृतिक खेती, किसान रजिस्ट्री, बागवानी, कृषि ऋण, विपणन सुधार, नकली कृषि आदानों पर नियंत्रण और किसानों की आय में वृद्धि पर ध्यान केंद्रित किया गया।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पूर्वी भारत अपनी उपजाऊ भूमि, जल संसाधनों और जलवायु परिस्थितियों के कारण भारत के कृषि विकास का ग्रोथ इंजन बनने की क्षमता रखता है।
उन्होंने दलहन, तिलहन, फल और सब्जियों का उत्पादन बढ़ाने और बागवानी, मत्स्य पालन, पशुपालन, मधुमक्खी पालन और कृषि-वानिकी को मिलाकर एकीकृत कृषि मॉडल को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
चौहान ने दलहन और तिलहन की खेती को समर्थन देने के लिए पीएम-आशा, नाफेड, एनसीसीएफ और राज्य एजेंसियों के तहत खरीद प्रणालियों को मजबूत करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने वैज्ञानिक खेती, किसान आईडी कार्यान्वयन और आईसीएआर और कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से कृषि अनुसंधान के व्यापक प्रसार पर भी जोर दिया।
चौहान के साथ सम्मेलन में भाग लेते हुए, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि राज्य दाल उत्पादन, खाद्य तेल आत्मनिर्भरता, फसल विविधीकरण और जलवायु-लचीली खेती पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
उन्होंने धान खरीद, फसल बीमा, कृषि मशीनीकरण, एफपीओ को मजबूत करने, कोल्ड स्टोरेज विस्तार और कृषि-उद्योगों को बढ़ावा देने से संबंधित पहल पर प्रकाश डाला।
मुख्यमंत्री ने बाजरा, जैविक खेती, पारंपरिक फसल किस्मों के संरक्षण और कृषि उत्पादों के लिए बेहतर विपणन प्रणाली के महत्व पर भी जोर दिया।
(केएनएन ब्यूरो)

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