लखनऊ, 5 सितंबर (केएनएन) ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने शहर में कार्यरत या रोजगार चाहने वाले श्रमिकों को किफायती आवास प्रदान करने के लिए समर्पित श्रमिक आवास और श्रमिक छात्रावास विकसित करने की योजना को मंजूरी दे दी है।
राज्य सरकार के निर्देशों के बाद, प्राधिकरण पटवारी और बिरौंडी गांवों में ईडब्ल्यूएस आकार के श्रमिकों के आवास का निर्माण करेगा। परियोजना के लिए भूमि की पहचान पहले ही की जा चुकी है, आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इस साल के अंत तक निर्माण शुरू होने की उम्मीद है।
इस पहल का उद्देश्य श्रमिकों को महंगे निजी आवास का एक किफायती विकल्प प्रदान करना है।
पतवारी, बिरौंडी में श्रमिकों के लिए आवास विकसित किये जायेंगे
राज्य सरकार के निर्देशों के बाद, प्राधिकरण पटवारी और बिरौंडी गांवों में ईडब्ल्यूएस आकार के श्रमिकों के आवास का निर्माण करेगा। परियोजना के लिए भूमि की पहचान पहले ही की जा चुकी है, आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इस साल के अंत तक निर्माण शुरू होने की उम्मीद है।
इस पहल का उद्देश्य श्रमिकों को महंगे निजी आवास का एक किफायती विकल्प प्रदान करना है।
प्रवासी श्रमिकों के लिए श्रमिक छात्रावास की योजना बनाई गई
प्राधिकरण ने उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की ट्रांजिट हॉस्टल योजना के तहत श्रमिक छात्रावासों के लिए सेक्टर इकोटेक-06 और इकोटेक-11 में प्रत्येक में 3,000 वर्ग मीटर की जगह भी चिह्नित की है।
छात्रावास निर्माण के लिए भूखंड श्रम विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित किये जायेंगे।
नौकरी की तलाश कर रहे श्रमिकों के लिए किफायती प्रवास की योजना बनाई गई
रोजगार की तलाश में ग्रेटर नोएडा आने वाले श्रमिक नौकरी की तलाश में कम किराए पर सुविधाओं में रह सकेंगे। रोजगार हासिल करने के बाद, वे स्थायी आवास में स्थानांतरित हो सकते हैं।
एनडीआरएफ रिस्पांस सेंटर के लिए 30 फ्लैट आवंटित
प्राधिकरण बोर्ड ने 8वीं बटालियन, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), गाजियाबाद के क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केंद्र के लिए सेक्टर ओमीक्रॉन-1ए में 30 फ्लैटों के मुफ्त आवंटन को अलग से मंजूरी दे दी है।
आवास पारिवारिक आवास के बजाय एक शिविर, परिचालन परिसर और कर्मचारी कार्यालय के रूप में कार्य करेगा। आपात स्थिति के दौरान तेजी से जुटाव को सक्षम करने के लिए एनडीआरएफ की टीमें सुविधा पर तैनात रहेंगी।
आपदा प्रतिक्रिया को मजबूत करने की सुविधा
इस सुविधा से प्राकृतिक आपदाओं, औद्योगिक दुर्घटनाओं, इमारत ढहने, बाढ़ और अन्य आपात स्थितियों के दौरान ग्रेटर नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में प्रतिक्रिया और बचाव कार्यों को मजबूत करने की उम्मीद है।
(केएनएन ब्यूरो)

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