एमएसएमई बुन्देलखण्ड की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सकते हैं, कृषि से परे रोजगार का विस्तार कर सकते हैं: झाँसी आयुक्त


लखनऊ, 3 सितंबर (केएनएन) झाँसी मंडलायुक्त बिमल कुमार दुबे ने बुधवार को एमएसएमई के लिए दो दिवसीय विक्रेता विकास कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा कि एमएसएमई क्षेत्र में कृषि के बाद रोजगार पैदा करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की महत्वपूर्ण क्षमता है।

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के तहत एमएसएमई विकास कार्यालय, कानपुर द्वारा, बुंदेलखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (बीसीसीआई) के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में पीएसयू, सरकारी विभागों, बैंकों और एमएसएमई इकाइयों द्वारा उत्पादों और सेवाओं का प्रदर्शन करने वाले 15 से अधिक स्टॉल लगाए गए।

स्थानीय विनिर्माण और खरीद पर ध्यान दें

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, दुबे ने ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर दिया और कृषि से परे रोजगार बढ़ाने में एमएसएमई की भूमिका पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक खरीद नीति केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों और सरकारी संगठनों को वार्षिक खरीद का 25 प्रतिशत सूक्ष्म और लघु उद्यमों से प्राप्त करने का आदेश देती है, जिसमें एससी/एसटी और महिला-स्वामित्व वाले व्यवसायों के लिए उप-लक्ष्य भी शामिल हैं।

उन्होंने बुन्देलखंड की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता पर भी प्रकाश डाला, और कहा कि कार्यक्रम में उद्धृत आंकड़ों के अनुसार, सौर ऊर्जा उत्पादन 275 मेगावाट तक पहुंच गया है, जिसमें झांसी में 250 मेगावाट और ललितपुर में 200 मेगावाट है।

झाँसी की नजर औद्योगिक हब की स्थिति पर

जिलाधिकारी गौरांग राठी ने कहा कि विक्रेता विकास कार्यक्रम एमएसएमई और बाजारों के बीच अंतर को पाटने में मदद करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकताओं में बुन्देलखण्ड को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के साथ ही झाँसी को औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने का रोडमैप तैयार किया गया है।

बीआईडीए के अतिरिक्त सीईओ प्रवीण वर्मा ने प्रतिभागियों को सार्वजनिक खरीद प्रावधानों और जीईएम पंजीकरण के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि झाँसी के पास एक नया औद्योगिक शहर विकसित किया जा रहा है, जिसमें 28,000 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।

झाँसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष हिमांशु गौतम ने कहा कि प्राधिकरण डिफेंस कॉरिडोर और अन्य औद्योगिक पहलों का समर्थन कर रहा है। औद्योगिक विकास और एमएसएमई इकाइयों को समर्थन देने के लिए 1,200 एकड़ की आवास परियोजना भी प्रस्तावित की गई है।

एमएसएमई-बाजार संबंधों को मजबूत करने का कार्यक्रम

बीसीसीआई अध्यक्ष धीरज खुल्लर ने कहा कि इस कार्यक्रम से पूरे बुंदेलखंड के उद्यमियों को लाभ होगा और आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को समर्थन मिलेगा।

एमएसएमई विकास कार्यालय के निदेशक विष्णु कुमार वर्मा ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य एमएसएमई, सरकारी विभागों और पीएसयू के बीच सीधे संपर्क की सुविधा प्रदान करना है, जिससे उद्यमियों को खरीद और बाजार के अवसरों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।

(केएनएन ब्यूरो)



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