हंटावायरस प्रभावित जहाज़ से टेनेरीफ़े पहुंचे यात्री, WHO ने कहा- कोविड जैसी स्थिति नहीं

Hanta-Virus हंटावायरस प्रभावित जहाज़ से टेनेरीफ़े पहुंचे यात्री, WHO ने कहा- कोविड जैसी स्थिति नहीं

स्पेन के टेनेरीफ़े में हंटावायरस प्रभावित जहाज़ से यात्रियों को कड़ी निगरानी में उतारा गया। WHO ने कहा कि संक्रमण का खतरा सीमित है और यह कोविड जैसी महामारी नहीं है।


हंटावायरस प्रभावित जहाज़ से टेनेरीफ़े में उतरे यात्री, WHO ने कहा- ‘कोविड जैसी स्थिति नहीं’

स्पेन में कड़ी निगरानी के बीच यात्रियों को उतारा गया, 42 दिनों तक स्वास्थ्य जांच जारी रहेगी


टेनेरीफ़े, 11 मई (जग वाणी न्यूज़ डेस्क): हंटावायरस संक्रमण से प्रभावित एक जहाज़ से यात्रियों को स्पेन के टेनेरीफ़े द्वीप पर कड़े स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के बीच उतारा गया। इस दौरान स्पेन सरकार, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और यूरोपीय स्वास्थ्य एजेंसियों ने संयुक्त रूप से सुरक्षा व्यवस्था संभाली। अधिकारियों ने साफ कहा है कि यह स्थिति कोविड-19 जैसी व्यापक महामारी का रूप नहीं ले रही है और आम लोगों के लिए खतरा फिलहाल कम माना जा रहा है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक Tedros Adhanom Ghebreyesus भी टेनेरीफ़े में मौजूद रहे। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

उन्होंने कहा कि हंटावायरस का यह संक्रमण सीमित मामलों तक ही दिखाई दे रहा है और इसे नियंत्रित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।

जहाज़ से जुड़े आठ मामलों की जांच

स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार जहाज़ से जुड़े कुल आठ संदिग्ध मामलों में से छह में हंटावायरस के एंडीज़ प्रकार की पुष्टि हुई है। यह वायरस विशेष रूप से दक्षिण अमेरिका में पाया जाता है और हंटावायरस का वही प्रकार माना जाता है जिसमें मनुष्य से मनुष्य में संक्रमण फैलने की क्षमता देखी गई है।

अधिकारियों ने बताया कि संक्रमण से अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि 2 मई के बाद कोई नई मृत्यु दर्ज नहीं हुई है, जिसे स्वास्थ्य एजेंसियां राहत की बात मान रही हैं।

रविवार को लगभग 46 यात्रियों को टेनेरीफ़े में उतारा गया। वहीं जहाज़ के करीब 30 चालक दल के सदस्य जहाज़ पर ही रहेंगे और बाद में उसे नैदरलैंड वापस ले जाया जाएगा।

यात्रियों के लिए विशेष उड़ानों की व्यवस्था

WHO ने संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए यात्रियों के सामान्य व्यावसायिक उड़ानों से यात्रा करने पर रोक लगाई है। इसके बजाय प्रभावित यात्रियों और संपर्क में आए लोगों को विशेष विमानों के जरिए अलग-अलग स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है।

WHO की महामारी प्रबंधन निदेशक Maria Van Kerkhove ने बताया कि यात्रियों पर कई स्तरों पर निगरानी रखी जाएगी।

लागू किए गए प्रमुख स्वास्थ्य प्रोटोकॉल:

  • 42 दिनों तक रोजाना बुखार और लक्षणों की जांच
  • छह सप्ताह तक घर या विशेष केंद्र में एकांतवास
  • अन्य लोगों के संपर्क में आने पर मास्क पहनना अनिवार्य
  • स्वास्थ्य अधिकारियों को नियमित रिपोर्टिंग
  • संभावित संपर्कों की ट्रेसिंग और निगरानी

स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि इन उपायों का उद्देश्य संक्रमण की किसी भी संभावित श्रृंखला को शुरुआती स्तर पर रोकना है।

क्या है हंटावायरस?

हंटावायरस एक दुर्लभ लेकिन गंभीर वायरस है, जो सामान्यतः संक्रमित चूहों या उनके मल-मूत्र के संपर्क में आने से फैलता है। यह वायरस फेफड़ों और शरीर के अन्य अंगों को प्रभावित कर सकता है। गंभीर मामलों में सांस लेने में कठिनाई और आंतरिक अंगों की विफलता जैसी स्थिति भी बन सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार अधिकांश हंटावायरस प्रकारों में इंसान से इंसान संक्रमण नहीं होता। लेकिन एंडीज़ प्रकार अलग माना जाता है क्योंकि इसमें सीमित स्तर पर मानव संक्रमण के प्रमाण मिले हैं।

WHO ने कहा है कि मौजूदा मामलों में संक्रमण का दायरा सीमित है और व्यापक सामुदायिक फैलाव के संकेत नहीं मिले हैं।

कोविड-19 से तुलना क्यों हो रही है?

जहाज़, क्वारंटीन, विशेष विमान और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य निगरानी जैसे शब्दों के कारण कई लोगों ने इस घटना की तुलना कोविड-19 महामारी से करनी शुरू कर दी। हालांकि WHO ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वर्तमान स्थिति अलग है।

विशेषज्ञों के मुताबिक कोविड-19 अत्यधिक संक्रामक था और हवा के जरिए तेजी से फैलता था, जबकि हंटावायरस का प्रसार सीमित और अपेक्षाकृत धीमा माना जाता है।

WHO अधिकारियों ने कहा कि अभी तक उपलब्ध वैज्ञानिक जानकारी के अनुसार आम जनता के लिए तत्काल बड़े खतरे जैसी स्थिति नहीं है।

अंतरराष्ट्रीय समन्वय की मिसाल

WHO ने इस पूरी कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय सहयोग का उदाहरण बताया है। इस अभियान में स्पेन सरकार, नैदरलैंड प्रशासन और European Centre for Disease Prevention and Control ने मिलकर काम किया।

स्वास्थ्य एजेंसियों का कहना है कि भविष्य में भी यात्रियों की स्थिति की निगरानी जारी रहेगी और यदि नए मामले सामने आते हैं तो अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।

आगे क्या?

विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ सप्ताह बेहद महत्वपूर्ण होंगे क्योंकि इसी दौरान निगरानी में रखे गए लोगों में संभावित लक्षण सामने आ सकते हैं। फिलहाल स्वास्थ्य एजेंसियां संक्रमण को नियंत्रित दायरे में मान रही हैं।

अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक स्वास्थ्य एजेंसियों की जानकारी पर भरोसा करें।


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