
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने शिमला के ठियोग स्थित फागू में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान कार्यक्रम में भाग लिया।
सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में महिला पंचायत प्रतिनिधियों और स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के सदस्यों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने एक आधिकारिक बयान में स्वच्छता के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन इस वर्ष अपनी 10वीं वर्षगांठ मना रहा है, जिसके तहत 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक ‘स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस) 2024’ अभियान चलाया जाएगा। “स्वभाव स्वच्छता, संस्कार स्वच्छता” थीम व्यवहार परिवर्तन को प्रोत्साहित करने, दैनिक जीवन और संस्कृति में स्वच्छता को एकीकृत करने पर केंद्रित है।
राज्यपाल ने अभियान के मुख्य पहलुओं पर प्रकाश डाला, जैसे सामान्य सफाई अभियान, जन भागीदारी और सफाई मित्र सुरक्षा शिविर। उन्होंने स्वास्थ्य जांच की सुविधा प्रदान करने और सफाई कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत शामिल करने के प्रयासों का भी उल्लेख किया।
इस अवसर पर राज्यपाल श्री शुक्ल ने नशे के खिलाफ लड़ाई में सहयोग का आह्वान किया तथा कहा कि पंचायत प्रतिनिधि और महिलाएं इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाकर देवभूमि हिमाचल को नशा मुक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) और स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के सदस्यों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से आयोजित स्वास्थ्य शिविर का उद्घाटन किया और वन विभाग के साथ मिलकर देवदार का पौधा लगाकर पौधारोपण अभियान की शुरुआत की।
इससे पहले, उपायुक्त अनुपम कश्यप ने राज्यपाल का स्वागत किया तथा उन्हें जिला में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से किए जा रहे कार्यों से अवगत करवाया।
चर्चा के दौरान महिला प्रधानों और स्वयं सहायता समूहों की दीदियों ने राज्यपाल को उनके द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्यों से अवगत कराया।
कार्यक्रम में ठियोग उपमंडल की बन्नी, मखडोल, चेओग, देहना व शतियां पंचायतों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया

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