
नई दिल्ली, 28 नवंबर (केएनएन) मूडीज रेटिंग्स ने शुक्रवार को कहा कि मजबूत घरेलू मांग और मजबूत व्यापक आर्थिक बुनियादी सिद्धांतों के समर्थन से भारत अगले दो वर्षों में सभी प्रमुख उभरते बाजारों और एशिया-प्रशांत (एपीएसी) अर्थव्यवस्थाओं को पीछे छोड़ देगा।
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, एजेंसी ने अनुमान लगाया है कि भारत की जीडीपी 2025 में 7 प्रतिशत और 2026 में 6.4 प्रतिशत बढ़ेगी, जो इसे क्षेत्रीय विकास चार्ट में मजबूती से शीर्ष पर रखेगी।
मूडीज ने कहा कि भारत का आर्थिक लचीलापन ठोस घरेलू विकास चालकों पर आधारित है, जो वैश्विक अस्थिरता के बावजूद मजबूती से कायम है।
एजेंसी ने कहा कि हालांकि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर हुआ है, लेकिन अधिकांश रेटेड कंपनियां प्रभावी मुद्रा जोखिम प्रबंधन रणनीतियों को बनाए रखती हैं या उनके पास मजबूत वित्तीय बफर हैं। इसमें कहा गया है कि निवेश-श्रेणी के कॉरपोरेट्स की अंतरराष्ट्रीय पूंजी बाजारों तक पहुंच बनी हुई है।
मूडीज को उम्मीद है कि व्यापक एशिया-प्रशांत क्षेत्र में औसत सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि 2026 में 3.4 प्रतिशत पर स्थिर रहेगी, जबकि 2024 में 3.3 प्रतिशत और 2025 में अनुमानित 3.6 प्रतिशत रहेगी।
एपीएसी के भीतर उभरते बाजार क्षेत्रीय विस्तार को बढ़ावा देंगे, औसत वृद्धि 5.6 प्रतिशत अनुमानित है, जो क्षेत्र में उन्नत अर्थव्यवस्थाओं के लिए अपेक्षित 1.3 प्रतिशत से काफी अधिक है।
मूडीज ने कहा कि भारत का मजबूत विकास परिदृश्य अनिश्चित वैश्विक माहौल के बीच आर्थिक गति के प्रमुख इंजन के रूप में इसकी स्थिति को मजबूत करता है।
(केएनएन ब्यूरो)

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