
नई दिल्ली, 6 जनवरी (केएनएन) केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने रविवार को घोषणा की कि भारत का कपड़ा उद्योग पर्याप्त वृद्धि के लिए तैयार है, कपड़ा मंत्रालय ने 2030 तक 300 बिलियन अमेरिकी डॉलर के बाजार आकार तक पहुंचने और कपड़ा मूल्य श्रृंखला में 60 मिलियन लोगों के लिए रोजगार पैदा करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।
हालिया आंकड़ों से इस क्षेत्र में आशाजनक वृद्धि का संकेत मिलता है, अक्टूबर में कपड़ा निर्यात पिछले वर्ष की तुलना में 11.56 प्रतिशत बढ़कर 1,833.95 मिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया।
सरकारी आंकड़ों पर आधारित भारतीय कपड़ा उद्योग परिसंघ की रिपोर्ट के अनुसार, परिधान निर्यात ने और भी बेहतर प्रदर्शन किया और इसी अवधि में 35.06 प्रतिशत बढ़कर 1,227.44 मिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया।
अक्टूबर 2024 में कपड़ा और परिधान के संचयी निर्यात में अक्टूबर 2023 की तुलना में 19.93 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई।
अप्रैल-अक्टूबर की अवधि में लगातार वृद्धि देखी गई, पिछले वर्ष की तुलना में कपड़ा निर्यात में 4.01 प्रतिशत और परिधान निर्यात में 11.60 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
सरकार की निवेश प्रोत्साहन एजेंसी इन्वेस्ट इंडिया के अनुसार, घरेलू कपड़ा बाजार का मूल्य 2022 में लगभग 165 बिलियन अमेरिकी डॉलर है, जिसमें घरेलू बिक्री से 125 बिलियन अमेरिकी डॉलर और निर्यात से 40 बिलियन अमेरिकी डॉलर शामिल हैं।
एजेंसी का अनुमान है कि बाजार 10 प्रतिशत चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर से बढ़ेगा, जो 2030 तक 350 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच जाएगा, साथ ही वित्त वर्ष 26 तक कुल कपड़ा निर्यात 65 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।
यह प्रतिबद्धता तब आई जब मंत्री सिंह ने फुलिया, नादिया, पश्चिम बंगाल में भारतीय हथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईएचटी) के नए स्थायी परिसर का उद्घाटन किया।
5.38 एकड़ में 75.95 करोड़ रुपये की लागत से बनी अत्याधुनिक सुविधा में स्मार्ट क्लासरूम, एक डिजिटल लाइब्रेरी और उन्नत परीक्षण प्रयोगशालाएँ हैं।
संस्थान को पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और सिक्किम के छात्रों के लिए हथकरघा और कपड़ा प्रौद्योगिकी में उत्कृष्टता केंद्र के रूप में सेवा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
(केएनएन ब्यूरो)

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