ईरान का दावा: दुबई में मिसाइल हमले से यूक्रेनी एंटी-ड्रोन सिस्टम का गोदाम नष्ट

jag-vani-heart ईरान का दावा: दुबई में मिसाइल हमले से यूक्रेनी एंटी-ड्रोन सिस्टम का गोदाम नष्ट

दुबई में मिसाइल ऑपरेशन का दावा: ईरान ने यूक्रेनी एंटी-ड्रोन सिस्टम के गोदाम को नष्ट करने की कही बात

आईआरजीसी का दावा—अमेरिकी ठिकानों पर भी हमला, 21 यूक्रेनी नागरिक मौजूद होने की जानकारी; क्षेत्र में तनाव और गहराया


तेहरान/दुबई, 29 मार्च (न्यूज़ डेस्क): ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने शनिवार को दावा किया कि संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में एक मिसाइल ऑपरेशन के दौरान यूक्रेन से जुड़े एंटी-ड्रोन सिस्टम के एक गोदाम को नष्ट कर दिया गया। ईरान के मुताबिक यह कार्रवाई अमेरिकी सैन्य सहयोग को रोकने के उद्देश्य से की गई।

ईरानी सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि यह कार्रवाई “हाइब्रिड ऑपरेशन” के तहत की गई, जिसमें आईआरजीसी की एयरोस्पेस फोर्स और नौसेना दोनों शामिल थीं। उनके अनुसार, दुबई में मौजूद उस गोदाम में ऐसे एंटी-ड्रोन सिस्टम रखे गए थे, जो कथित रूप से अमेरिकी सैन्य बलों की सहायता के लिए उपयोग किए जाने थे।

प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि इसी ऑपरेशन के दौरान दुबई में अमेरिकी कमांडरों और सैनिकों के ठिकानों को भी निशाना बनाया गया, जिससे “भारी नुकसान” हुआ। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक किसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसी या यूएई प्रशासन की ओर से नहीं की गई है।

ईरान की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, जिस गोदाम को निशाना बनाया गया, वहां 21 यूक्रेनी नागरिक भी मौजूद थे। प्रवक्ता ने कहा कि इन लोगों की स्थिति के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि वे मारे गए हो सकते हैं।

इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है। संयुक्त अरब अमीरात या अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की ओर से इस दावे पर अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह दावा सही साबित होता है, तो यह खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष के नए चरण की शुरुआत हो सकती है।

ईरान ने यह भी आरोप लगाया है कि 28 फरवरी को उसके सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद अमेरिका और इजरायल ने उसके खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू किया। ईरानी पक्ष के अनुसार, इन हमलों में कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और नागरिक भी मारे गए।
ईरान का दावा है कि उसके सैन्य और नागरिक ठिकानों पर व्यापक हवाई हमले किए गए, जिससे भारी जनहानि और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा।

इसके जवाब में ईरानी सशस्त्र बलों ने भी अमेरिकी और इजरायली ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही है। रिपोर्ट के मुताबिक, मिसाइलों और ड्रोन के जरिए कई हमले किए गए हैं, जिनका लक्ष्य “कब्जे वाले क्षेत्रों” और क्षेत्रीय सैन्य अड्डों को बताया गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के दावे और जवाबी कार्रवाई क्षेत्र में अस्थिरता को और बढ़ा सकते हैं। खासकर दुबई जैसे वैश्विक व्यापार केंद्र का इस तरह के सैन्य दावों में शामिल होना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर चिंता का विषय बन सकता है।

अंतरराष्ट्रीय कानून और संप्रभुता के सवाल भी इस मामले में उठ रहे हैं। यदि किसी तीसरे देश की भूमि पर सैन्य कार्रवाई की पुष्टि होती है, तो यह बड़े कूटनीतिक विवाद का कारण बन सकता है।

फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, जिससे स्थिति स्पष्ट नहीं है। आने वाले दिनों में यूएई, अमेरिका और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों की प्रतिक्रिया इस मामले को और स्पष्ट कर सकती है। साथ ही, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या यह घटना क्षेत्रीय संघर्ष को और व्यापक रूप देती है या कूटनीतिक स्तर पर इसे नियंत्रित करने की कोशिश की जाती है।


 


Discover more from जग वाणी

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *