ईरान का बड़ा बयान: रणनीति से खत्म होगा युद्ध

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ईरान का दावा: “हमारी रणनीति से खत्म होगा युद्ध”, अमेरिका-इज़राइल पर तीखा हमला

हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर चेतावनी, ईरान ने कहा—दुश्मनों के लिए रहेगा बंद


तेहरान, 2 अप्रैल (तसनीम न्यूज़): ईरान के सर्वोच्च नेता के अंतरराष्ट्रीय मामलों के वरिष्ठ सलाहकार Ali Akbar Velayati ने चल रहे युद्ध को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह संघर्ष ईरान की रणनीति और इच्छाशक्ति के अनुसार समाप्त होगा, न कि हमलावर देशों की गलत धारणाओं के आधार पर।


पूर्व विदेश मंत्री रह चुके वेलायती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी टिप्पणी में कहा कि ईरान इस युद्ध को पूरी योजना और शक्ति के साथ समाप्त करेगा। उन्होंने कहा कि जो देश इस संघर्ष की शुरुआत के लिए जिम्मेदार हैं, उनकी “अति-आत्मविश्वास और काल्पनिक उम्मीदें” इस युद्ध का अंत तय नहीं करेंगी।

वेलायती ने रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण Strait of Hormuz का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह जलमार्ग वैश्विक व्यापार के लिए खुला रहेगा, लेकिन ईरान के दुश्मनों और उनके क्षेत्रीय ठिकानों के लिए इसे बंद कर दिया जाएगा। यह बयान वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा सकता है, क्योंकि हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है।


ईरान के अनुसार, यह संघर्ष तब शुरू हुआ जब अमेरिका और इज़राइल ने 28 फरवरी को बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू किया। ईरान का दावा है कि इस हमले में इस्लामिक रिवोल्यूशन के सर्वोच्च नेता Ayatollah Seyed Ali Khamenei, कई वरिष्ठ सैन्य कमांडरों और नागरिकों की हत्या कर दी गई।

ईरानी अधिकारियों का कहना है कि यह हमला “बिना किसी उकसावे” के किया गया था। इसके बाद से देशभर में सैन्य और नागरिक ठिकानों पर लगातार हवाई हमले किए गए, जिससे भारी जनहानि और बुनियादी ढांचे को व्यापक नुकसान हुआ है।


इन हमलों के जवाब में ईरानी सशस्त्र बलों ने भी जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। ईरान ने मिसाइल और ड्रोन के जरिए इज़राइल और अमेरिका के ठिकानों पर कई चरणों में हमले किए हैं। इन हमलों का निशाना कथित तौर पर “कब्जे वाले क्षेत्रों” और पश्चिम एशिया में मौजूद सैन्य ठिकाने रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की जवाबी कार्रवाई से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है, जिससे व्यापक युद्ध की आशंका भी बनी हुई है।


हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की चेतावनी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीरता से देखा जा रहा है। यदि इस मार्ग पर कोई भी बाधा आती है, तो इसका सीधा असर वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह बयान केवल सैन्य नहीं, बल्कि आर्थिक दबाव बनाने की रणनीति का भी हिस्सा हो सकता है।


अमेरिका और इज़राइल ने अब तक ईरान के इन आरोपों पर औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, पश्चिमी देशों ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव को लेकर चिंता जताई है और संयम बरतने की अपील की है।

वहीं, कुछ विश्लेषकों का मानना है कि दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी और सैन्य कार्रवाई की यह श्रृंखला लंबे समय तक जारी रह सकती है, जिससे स्थिति और जटिल हो सकती है।

वर्तमान हालात में यह स्पष्ट है कि दोनों पक्ष पीछे हटने के संकेत नहीं दे रहे हैं। ईरान अपनी रणनीतिक क्षमता और सैन्य ताकत पर भरोसा जता रहा है, जबकि अमेरिका और इज़राइल की ओर से भी सख्त रुख जारी है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस संघर्ष का स्वरूप और व्यापक हो सकता है।

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