
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने मंगलवार (15 अक्टूबर, 2024) को केरल विधानसभा में पेश अपनी नवीनतम ऑडिट रिपोर्ट में राज्य सरकार की राजस्व वसूली में गंभीर कमियों का खुलासा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, 31 मार्च, 2023 तक राज्य सरकार पर कुल ₹27,902.45 करोड़ का राजस्व बकाया था।
यह बकाया मुख्य रूप से 15 सरकारी विभागों द्वारा वसूल न किए गए राजस्व से संबंधित है। इनमें से सबसे बड़ा हिस्सा, ₹13,559.58 करोड़, राज्य माल और सेवा कर विभाग का है। इसके अलावा, बिजली करों और शुल्कों पर ₹3,800.92 करोड़, वित्त विभाग की ब्याज प्राप्तियों पर ₹6,855.62 करोड़ और मोटर वाहन विभाग (एमवीडी) पर ₹1109.91 करोड़ का बकाया है।
चिंताजनक बात यह है कि कुल बकाये में से ₹1,204.79 करोड़ पाँच साल से अधिक पुराना है। यह दर्शाता है कि राज्य सरकार बकाया वसूली के मामले में लगातार असफल रही है। पिछले वर्षों के आंकड़े भी इस बात की पुष्टि करते हैं। 31 मार्च, 2022 तक बकाया ₹28,258.39 करोड़ और 31 मार्च, 2021 तक ₹21,797.86 करोड़ था।
प्रकाशित – 15 अक्टूबर, 2024 03:27 अपराह्न IST

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