
रेलवे नौकरी के बदले जमीन घोटाला: दिल्ली हाईकोर्ट ने लालू प्रसाद की याचिका खारिज की
नई दिल्ली: राजद प्रमुख और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव को बड़ा झटका देते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय ने कथित रेलवे नौकरी के बदले जमीन घोटाले में सीबीआई द्वारा दर्ज मामले को रद्द करने से इनकार कर दिया है।
मंगलवार को न्यायमूर्ति रविंदर डुडेजा की एकल पीठ ने लालू प्रसाद की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने एफआईआर की वैधता पर सवाल उठाए थे। लालू की ओर से दलील दी गई थी कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17A के तहत यह एफआईआर टिकाऊ नहीं है, क्योंकि यह प्रावधान वर्ष 2018 में जोड़ा गया, जबकि आरोपों की अवधि 2004 से 2009 के बीच की है।
क्या है पूरा मामला
यह मामला उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान रेलवे में नियुक्तियों के बदले उनके परिवार या सहयोगियों को कम कीमत पर जमीन के प्लॉट ट्रांसफर किए गए।
सीबीआई का दावा है कि यह एक सुनियोजित भ्रष्टाचार का मामला है, जिसमें सरकारी पद का दुरुपयोग कर निजी लाभ लिया गया।
अदालत का रुख
अदालत ने स्पष्ट किया कि इस स्तर पर मामले को खारिज करने का कोई ठोस आधार नहीं बनता। साथ ही, धारा 17A के तर्क को भी स्वीकार नहीं किया गया।
इस फैसले के बाद अब सीबीआई की जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे जारी रहेगी, जिससे इस बहुचर्चित मामले में आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।

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