लखनऊ अग्निकांड: एनिमेशन सेंटर में आग से 14 छात्रों की मौत, सीएम योगी ने दिए जांच के आदेश

jag_vani_news_desk लखनऊ अग्निकांड: एनिमेशन सेंटर में आग से 14 छात्रों की मौत, सीएम योगी ने दिए जांच के आदेश

लखनऊ के एक एनिमेशन ट्रेनिंग सेंटर में भीषण आग लगने से 14 छात्रों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।


लखनऊ के एनिमेशन ट्रेनिंग सेंटर में भीषण आग, 14 छात्रों की मौत; सीएम योगी ने दिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश

घने धुएं और लकड़ी के फर्नीचर के कारण बचाव कार्य में आई कठिनाई, एनडीआरएफ और फायर ब्रिगेड की टीमें लगातार जुटीं


लखनऊ, 22 जून (जग वाणी न्यूज़ डेस्क): उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार को एक एनिमेशन और ट्रेनिंग सेंटर में लगी भीषण आग ने बड़ा हादसा पैदा कर दिया। इस दर्दनाक घटना में अब तक 14 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में अधिकांश छात्र बताए जा रहे हैं, जिनकी उम्र 16 से 17 वर्ष के बीच थी। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जबकि फायर ब्रिगेड, पुलिस और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी रहीं।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद मीडिया को बताया कि आग लगने के बाद कई छात्रों को बाहर निकाला गया और तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि इमारत के भीतर अत्यधिक धुआं भर जाने के कारण बचाव कार्य में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

पाठक के अनुसार, यह संस्थान एक एनिमेशन सेंटर था, जहां छात्र कार्टून निर्माण और एनिमेशन तकनीक का प्रशिक्षण लेने आते थे। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं 14 शव देखे हैं। घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है।

धुएं ने बढ़ाई राहत कार्य की चुनौती

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, भवन के भीतर बड़ी मात्रा में लकड़ी के फर्नीचर मौजूद थे। आग लगने के बाद इन्हीं सामग्रियों के कारण घना धुआं फैल गया, जिससे अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकलने में कठिनाई हुई। बचाव दलों को भी अंदर पहुंचने में समय लगा।

फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए गए। एनडीआरएफ की टीमों को भी मौके पर तैनात किया गया। देर शाम तक राहत और तलाशी अभियान जारी रहा।

घायलों का अस्पताल में इलाज

हादसे में घायल लोगों को तत्काल किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के ट्रॉमा सेंटर भेजा गया। प्रशासन ने अस्पतालों को अलर्ट पर रखा है और चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। घटनास्थल पर कई एंबुलेंस लगातार तैनात रहीं ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत पहुंचाई जा सके।

मुख्यमंत्री योगी ने जताया शोक

मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि आग की चपेट में आए बच्चों में कुछ की मौत अत्यंत दुखद है और सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत एवं बचाव कार्य में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि हादसे की हर पहलू से जांच की जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उच्च स्तरीय जांच के आदेश

राज्य सरकार ने घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक और अपर मुख्य सचिव (गृह) को तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आग किस कारण लगी। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि भवन में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। प्रशासन यह भी जांच करेगा कि संस्थान में आपातकालीन निकास, अग्निशमन उपकरण और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं पर्याप्त थीं या नहीं।

सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

इस हादसे के बाद प्रशिक्षण संस्थानों, कोचिंग सेंटरों और व्यावसायिक भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। पिछले कुछ वर्षों में देश के विभिन्न हिस्सों में ऐसी घटनाएं सामने आती रही हैं, जिनमें सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भीड़भाड़ वाले शैक्षणिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में नियमित सुरक्षा ऑडिट और आपदा प्रबंधन अभ्यास आवश्यक हैं। इससे किसी भी आपात स्थिति में जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकता है।

आगे क्या?

फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान राहत एवं बचाव कार्य और घायलों के उपचार पर केंद्रित है। आग लगने के वास्तविक कारणों का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।


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