
मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई, छत्रपति संभाजीनगर और नागपुर में सरकारी विधि विश्वविद्यालयों के लिए 7-7 करोड़ रुपये मंजूर किए।
यह धनराशि शैक्षणिक वर्ष 2024-25 से शैक्षणिक वर्ष 2027-28 तक 4 किस्तों में प्रदान की जाएगी। अगले चरण में विश्वविद्यालयों को धनराशि आवंटित करने से पहले सरकार द्वारा एक सरकारी संकल्प (जीआर) बनाया जाएगा।
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल के अनुसार, इस वित्तीय सहायता का उद्देश्य महाराष्ट्र में विधि छात्रों के लिए उपलब्ध सुविधाओं और संसाधनों को बढ़ाना तथा बेहतर शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित करना है। छात्रों की बढ़ती संख्या को देखते हुए तथा इन संस्थानों में रखरखाव और सुरक्षा में सुधार के लिए यह राशि पहले के 5 करोड़ रुपये से बढ़ाई गई है।
इसके साथ ही, मंत्रिमंडल ने नागपुर विधि विश्वविद्यालय को उसके द्वारा लिए गए ऋण की सहायता के लिए 41 करोड़ रुपये की एकमुश्त निधि को भी मंजूरी दी।
मंत्रिमंडल ने राज्य में 14 आईटीआई संस्थानों के नामकरण, राज्य के सरपंचों और उपसरपंचों का वेतन दोगुना करने, बांद्रा में एक नया बॉम्बे उच्च न्यायालय परिसर बनाने, शीर्ष प्रतिभाओं की भर्ती की प्रक्रिया में सुधार करने और जल संसाधन कर्मचारियों को वरिष्ठ वेतनमान देने का भी निर्णय लिया।
कैबिनेट द्वारा लिए गए अन्य महत्वपूर्ण निर्णयों में लोहगांव हवाई अड्डे का नाम बदलकर ‘जगद्गुरु संत तुकाराम महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, पुणे’ रखना, कुनबी लोगों की तीन उपजातियों को अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची में जोड़ना तथा जुन्नार में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय की स्थापना करना शामिल है।

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