
नई दिल्ली, 27 जुलाई (केएनएन) योजना के तहत जारी पहली किस्त का 75 प्रतिशत से अधिक उपयोग करने के बाद महाराष्ट्र राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) के तहत दूसरी किस्त के लिए अर्हता प्राप्त करने वाला पहला राज्य बन गया है।
महाराष्ट्र में आरकेवीवाई फंड के उपयोग और योजना के कार्यान्वयन का आकलन करने के लिए केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में एक आभासी समीक्षा बैठक के दौरान यह जानकारी प्रदान की गई।
भारत सरकार ने महाराष्ट्र को पहली किस्त के रूप में 335 करोड़ रुपये जारी किए थे, जिसमें से राज्य ने लगभग 260 करोड़ रुपये का उपयोग किया है। राज्य ने निर्धारित 75 प्रतिशत उपयोग बेंचमार्क को पार कर लिया है, जिससे यह 335 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त के लिए पात्र हो गया है। दूसरी किश्त जारी करने की प्रक्रिया की जा रही है।
समीक्षा के दौरान विभिन्न आरकेवीवाई घटकों के तहत प्रगति का आकलन किया गया। राज्य को डिजिटल कृषि, कृषि विस्तार, राष्ट्रीय बागवानी मिशन (एनएचएम), बीज, तिलहन और कृषि वानिकी के तहत व्यय में तेजी लाने की सलाह दी गई। बीज घटक के तहत लंबित देनदारियों पर भी चर्चा की गई।
एकीकृत बागवानी विकास मिशन (एमआईडीएच) के तहत प्रगति की भी समीक्षा की गई।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के कार्यान्वयन पर एक अलग चर्चा हुई। मंत्री ने किसानों को फसल बीमा के लिए आवेदन करते समय सटीक जानकारी प्रदान करने की आवश्यकता पर बल दिया और स्पष्ट किया कि किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) और गैर-केसीसी दोनों किसान फसल बीमा लाभ के लिए पात्र हैं।
समीक्षा बैठक में महाराष्ट्र के कृषि राज्य मंत्री दत्तात्रय भरणे, भारत सरकार के कृषि और किसान कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और महाराष्ट्र सरकार के अधिकारी उपस्थित थे।
(केएनएन ब्यूरो)

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