
नई दिल्ली, 11 जनवरी (केएनएन) भारी उद्योग मंत्रालय (एमएचआई) ने छह विशेष कार्य समूहों के माध्यम से एक व्यापक रूपरेखा स्थापित करते हुए नई पूंजीगत सामान नीति 2025 के विकास की शुरुआत की है।
मंत्रालय ने नीति निर्माण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए अग्रणी उद्योग निकायों और परामर्श फर्मों के साथ साझेदारी की है, जिसमें फिक्की-डेलॉयट और सीआईआई-बीसीजी सहयोग के बीच जिम्मेदारियों को विभाजित किया गया है।
डेलॉयट के साथ मिलकर काम कर रहे फिक्की को तीन महत्वपूर्ण कार्य समूहों का नेतृत्व सौंपा गया है।
इनमें घरेलू मांग को सुपरचार्ज करने और पारिस्थितिकी तंत्र को सक्षम करने पर ध्यान केंद्रित करने वाला कार्य समूह 1 शामिल है; कार्य समूह 4, एक आईपी पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण और अनुसंधान एवं विकास को बढ़ाने के लिए समर्पित; और कार्य समूह 6, जो ऊर्जा परिवर्तन और स्थिरता संबंधी चिंताओं का समाधान करेगा।
कार्य समूहों में मंत्रालय के अधिकारियों, उद्योग प्रतिनिधियों और विभिन्न औद्योगिक संघों के सदस्यों सहित हितधारकों का एक विविध मिश्रण शामिल है।
मंत्रालय ने उद्योग की भागीदारी के लिए चैनल खोले हैं, प्रत्येक कार्य समूह के लिए डिज़ाइन किए गए विशेष टेम्पलेट्स के माध्यम से हितधारकों से इनपुट का अनुरोध किया है।
इच्छुक पार्टियां कैपिटल गुड्स पॉलिसी 2025 पोर्टल के माध्यम से ड्राफ्ट पॉलिसी और प्रासंगिक सबमिशन टेम्पलेट्स तक पहुंच सकती हैं।
(केएनएन ब्यूरो)

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