NHAI का बड़ा फैसला: 40,000 किमी नेशनल हाईवे की निगरानी करेंगे AI डैशकैम, गड्ढों की तुरंत होगी पहचान

AI-dashcam NHAI का बड़ा फैसला: 40,000 किमी नेशनल हाईवे की निगरानी करेंगे AI डैशकैम, गड्ढों की तुरंत होगी पहचान

गड्ढों और खराब सड़कों से मिलेगा छुटकारा: NHAI देश भर के नेशनल हाईवे पर तैनात करेगा AI-संचालित ‘डैशकैम पलटन’

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर है। सड़कों की खराब स्थिति और सवारी की गुणवत्ता को लेकर बढ़ती जन शिकायतों के बीच, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने एक बड़ा तकनीकी कदम उठाने का फैसला किया है। NHAI अब लगभग 40,000 किलोमीटर के राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) नेटवर्क पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)-संचालित डैशकैम एनालिटिक्स सेवाएं (DAS) तैनात करने जा रहा है।

बढ़ती शिकायतों के बाद लिया गया फैसला

यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब राजमार्गों की गुणवत्ता को लेकर आम जनता में असंतोष बढ़ रहा है। हाल ही में, राजमार्ग मंत्रालय ने राज्यसभा को सूचित किया कि राजमार्ग निर्माण की गुणवत्ता और सड़कों की सतह (riding surface) की स्थिति पर सार्वजनिक शिकायतों में पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 60% से अधिक की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार, 12 मार्च तक ऐसी शिकायतें वर्ष 2024-25 में 7,030 से बढ़कर 11,340 हो गई हैं। हालांकि, मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि इस साल 9,977 शिकायतों का निपटारा भी किया जा चुका है।

कैसे काम करेगी यह एआई-डैशकैम प्रणाली?

प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए, NHAI ने पूरे देश को पांच जोन (अंचलों) में बांटा है और इसके लिए दो साल के ठेके दिए गए हैं। NHAI के एक अधिकारी ने बताया कि यह सिस्टम कैसे काम करेगा:

  1. डैशकैम की तैनाती: प्रत्येक राजमार्ग गश्ती वाहन (Highway Patrol Vehicle) में एआई-संचालित डैशकैम लगाए जाएंगे।

  2. व्यापक रिकॉर्डिंग: ये कैमरे राजमार्गों पर चलते हुए फुटपाथ की स्थिति, गड्ढे, दरारें, सतह की गिरावट जैसी लगभग 30 प्रकार की खामियों और विसंगतियों को रिकॉर्ड करेंगे।

  3. सुरक्षा जांच: इसके अलावा, धुंधले लेन चिह्न (lane markings), क्षतिग्रस्त क्रैश बैरियर, गैर-कार्यात्मक स्ट्रीट लाइट, अवैध कट (median openings), अतिक्रमण और अवैध पार्किंग जैसे सुरक्षा मुद्दों की भी पहचान की जाएगी।

  4. एआई एनालिटिक्स: रिकॉर्डिंग को एक विशेष आईटी प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया जाएगा, जहां एआई मॉड्यूल डेटा का विश्लेषण करेंगे।

24 घंटे के भीतर होगी कार्रवाई

अधिकारी ने कहा, “यह सिस्टम एक दिन के भीतर रिपोर्ट तैयार करेगा और दोषों की सटीक पहचान करेगा। इस रिपोर्ट के आधार पर, संबंधित रखरखाव एजेंसियों और अधिकारियों को मुद्दों को तुरंत ठीक करने के लिए निर्देश जारी किए जाएंगे।”

योजना के अनुसार, सड़कों का सर्वेक्षण सप्ताह में कम से कम एक बार आयोजित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सड़क साइनेज, फुटपाथ चिह्नों, और राजमार्ग प्रकाश व्यवस्था के प्रदर्शन का आकलन करने के लिए महीने में कम से कम एक बार रात के समय भी निरीक्षण किया जाएगा। इसमें जलभराव, गायब जल निकासी कवर और झाड़ियों के बढ़ने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को भी शामिल किया जाएगा।

NHAI को उम्मीद है कि इस एआई-संचालित निगरानी से राजमार्गों के रखरखाव में पारदर्शिता और गति आएगी, जिससे यात्रियों का सफर सुरक्षित और सुखद हो सकेगा।


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