
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को केंद्र पर पिछले तीन वर्षों से प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत राज्य सरकार को धनराशि जारी नहीं करने का आरोप लगाया।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बयान
बोलपुर में प्रशासनिक समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, “पिछले तीन सालों से हमें पीएमएवाई के तहत कोई फंड नहीं मिला है। कुल 1.70 लाख करोड़ रुपये का केंद्रीय फंड हमें मिलना बाकी है। फिर भी, हम अपने सीमित संसाधनों से यथासंभव अधिक से अधिक घर आवंटित करने की कोशिश कर रहे हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि जिले में 11 लाख घरों के लिए जल्द ही धनराशि जारी की जाएगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का खर्च विधायकों को आवंटित विकास निधि से वहन किया जाएगा।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में बाढ़ की स्थिति पर बात की
राज्य में बाढ़ की स्थिति पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि अब स्थिति में कुछ हद तक सुधार हुआ है, लेकिन राज्य के कुछ हिस्से अभी भी जलमग्न हैं।
उन्होंने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पश्चिम बंगाल में बाढ़ सिर्फ़ बारिश की वजह से नहीं आती। झारखंड से छोड़े गए पानी की वजह से राज्य में बाढ़ आती है।”
सीएम बनर्जी ने अपने फैसले को सही ठहराया
दामोदर घाटी जलाशय विनियमन समिति (डीवीआरआरसी) में राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व वापस लेने के अपने निर्णय को उचित ठहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रतिनिधित्व को बनाए रखने का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) अपने बैराजों से अंधाधुंध पानी छोड़ने के कारण राज्य में बाढ़ की स्थिति के लिए जिम्मेदार है और वह भी राज्य सरकार को पूर्व सूचना दिए बिना।
मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं ऐसे किसी संगठन से कोई संबंध नहीं रखना चाहता जो अंधाधुंध तरीके से पानी छोड़ कर इंसानों की जान लेता है। अब डीवीसी बिजली उत्पादन पर ध्यान केंद्रित कर रहा है और राज्य को बाढ़ से बचाने के अपने मुख्य उद्देश्य को भूल गया है।”
उन्होंने कहा कि डीवीसी ने एक बार में भारी मात्रा में पानी छोड़ने के बजाय धीरे-धीरे पानी छोड़ने के राज्य सरकार के अनुरोध को बार-बार नजरअंदाज किया है।

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