
ओडिशा में जनगणना कार्य के दौरान दो शिक्षकों की मौत, हीटस्ट्रोक की आशंका
भीषण गर्मी के बीच लगातार तीसरी घटना, प्रशासन पर उठे सवाल
भुवनेश्वर, 27 अप्रैल (जग वाणी न्यूज़ डेस्क): ओडिशा में भीषण गर्मी के बीच जनगणना कार्य में लगे दो शिक्षकों की कथित तौर पर हीटस्ट्रोक से मौत हो गई है। अधिकारियों के अनुसार, यह घटनाएँ राज्य के मयूरभंज और सुंदरगढ़ जिलों में पिछले दो दिनों के भीतर हुईं। दोनों इलाकों में तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है।
यह राज्य में इस तरह की तीसरी घटना है, जिसने प्रशासन की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अलग-अलग जिलों में हुई घटनाएँ
जानकारी के अनुसार, मयूरभंज जिले में एक शिक्षक जनगणना से जुड़े सर्वे कार्य के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद गिर पड़े। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इसी तरह, सुंदरगढ़ जिले में भी एक अन्य शिक्षक की हालत सर्वे के दौरान खराब हुई। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, तेज धूप और गर्मी के कारण उन्हें चक्कर आया और बाद में उनकी मौत हो गई। दोनों मामलों में प्राथमिक कारण हीटस्ट्रोक बताया जा रहा है, हालांकि अंतिम पुष्टि मेडिकल जांच के बाद ही होगी।
लगातार बढ़ रही गर्मी बनी चुनौती
ओडिशा के कई हिस्सों में इन दिनों तापमान लगातार बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, कई जिलों में पारा 37 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है, जिससे बाहर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए हालात कठिन हो गए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि तेज धूप में लंबे समय तक काम करने से हीटस्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ जाता है, खासकर तब जब पर्याप्त पानी और आराम नहीं मिल पाता।
प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल
लगातार तीसरी मौत के बाद कर्मचारियों और शिक्षक संगठनों ने प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इतनी गर्मी में फील्ड वर्क कराना जोखिम भरा है और सरकार को समय या कार्यप्रणाली में बदलाव करना चाहिए।
एक शिक्षक संगठन के प्रतिनिधि ने कहा कि कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि अत्यधिक गर्मी के दौरान फील्ड कार्य को रोका जाए या सुबह-शाम के समय में सीमित किया जाए।
पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना
इससे पहले भी राज्य में जनगणना कार्य के दौरान एक अन्य कर्मचारी की मौत की खबर सामने आई थी। लगातार हो रही इन घटनाओं ने सरकार की तैयारियों और सुरक्षा उपायों की कमी को उजागर किया है।
सरकार की प्रतिक्रिया और आगे की राह
प्रशासन ने दोनों मामलों की जांच के आदेश दिए हैं और संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। साथ ही, कर्मचारियों के लिए आवश्यक सावधानियों और दिशा-निर्देशों को सख्ती से लागू करने की बात कही गई है।
विशेषज्ञों का सुझाव है कि गर्मी के इस मौसम में फील्ड कार्य के दौरान पर्याप्त पानी, छाया और नियमित विश्राम सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा, कर्मचारियों को हीटस्ट्रोक के लक्षणों के बारे में जागरूक करना भी जरूरी है।
ओडिशा में जनगणना कार्य के दौरान हुई इन मौतों ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या प्रशासन कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त गंभीर है। बढ़ती गर्मी के बीच यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति की आशंका बनी रहेगी।

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