
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से सात अरब डॉलर के बेलआउट पैकेज की मांग की है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर के लिए पीएफ पैकेज के लिए इससे भी अधिक राशि दी है।
जम्मू में एक जनसभा को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, “पाकिस्तान आईएमएफ से 7 बिलियन अमेरिकी डॉलर के बेलआउट पैकेज की मांग कर रहा है। वे भारत से भी मांग सकते थे। प्रधानमंत्री मोदी ने जम्मू-कश्मीर के लिए पीएफ पैकेज में इससे भी ज़्यादा दिया है। वे इस हालत में इसलिए हैं क्योंकि उन्होंने सांप पाल रखे हैं।”
राजनाथ सिंह ने जम्मू-कश्मीर की विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधते हुए कहा, “हमने भाजपा के चुनावी घोषणापत्र में जो भी वादा किया था, उसे पूरा किया है। हमने अनुच्छेद 370 को हटाने की बात कही थी और केंद्र में बहुमत मिलते ही हमने इसे पूरा कर दिया। उमर अब्दुल्ला ने जो कहा और किया, उससे मुझे दुख हुआ। उन्होंने कहा था कि जब तक जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं मिल जाता, तब तक वे चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन अब वे दो निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ रहे हैं। पीडीपी, एनसी और कांग्रेस जैसी पार्टियाँ दावा करती हैं कि वे जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देंगे। वे कैसे देंगे? केंद्र में उनकी सरकार नहीं है। इसके बिना यह संभव नहीं है। चुनाव जीतने के लिए राजनीति नहीं की जानी चाहिए। देश बनाने के लिए राजनीति की जानी चाहिए।”
उन्होंने कहा, “पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा है कि अनुच्छेद 370 को केवल एनसी और कांग्रेस ही बहाल कर सकते हैं। मैं एनसी और कांग्रेस से पूछना चाहता हूं कि क्या वे पाकिस्तान के प्रतिनिधि के रूप में काम कर रहे हैं।”
उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगर घाटी में भाजपा की सरकार बनती है तो जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा। उन्होंने कहा, “मैं सिर्फ यही नहीं कह रहा हूं कि प्रधानमंत्री मोदी ने खुद जम्मू-कश्मीर के राज्य का दर्जा बहाल करने का आश्वासन दिया है। विधानसभा चुनाव के पहले चरण में जम्मू-कश्मीर में 61 प्रतिशत मतदान हुआ है और यह अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के कारण हुआ है।”
सिंह ने रविवार को केंद्र शासित प्रदेश में अपने चुनाव अभियान के दौरान पुंछ, राजौरी और जम्मू में तीन जनसभाओं को संबोधित किया।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 61.13 प्रतिशत मतदान हुआ था। 18 सितंबर को सात जिलों की 24 सीटों पर मतदान हुआ था।
जम्मू-कश्मीर में दूसरे और तीसरे चरण के लिए मतदान क्रमश: 25 सितंबर और 1 अक्टूबर को होगा। मतों की गिनती 8 अक्टूबर को होगी।
जम्मू-कश्मीर में कई राजनीतिक दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। एनसीपी और कांग्रेस ने केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव पूर्व गठबंधन किया है। अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पहली बार हो रहे ये चुनाव केंद्र शासित प्रदेश में करीब एक दशक बाद हो रहे हैं।

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