दिल्ली में पेट्रोल ₹100 के पार, डीजल भी महंगा

oil-price-hike दिल्ली में पेट्रोल ₹100 के पार, डीजल भी महंगा

देशभर में पेट्रोल-डीजल के दाम फिर बढ़े। दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर पहुंचा। दो हफ्तों में चौथी बढ़ोतरी।


पेट्रोल ₹100 के पार, डीजल भी महंगा; दो हफ्तों में चौथी बार बढ़े ईंधन के दाम

पश्चिम एशिया तनाव और कच्चे तेल की कीमतों का असर, आम लोगों पर बढ़ेगा महंगाई का बोझ


नई दिल्ली, 25 मई (जग वाणी संवाददाता): देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। सोमवार को तेल विपणन कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल में ₹2.71 प्रति लीटर की वृद्धि की। लगातार चौथी बार हुई इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹100 प्रति लीटर के पार पहुंच गई है।

नई दरों के अनुसार, दिल्ली में पेट्रोल अब ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर बिक रहा है। पिछले दो सप्ताह में ईंधन की कीमतों में कुल बढ़ोतरी ₹7.50 प्रति लीटर से अधिक हो चुकी है, जिससे आम जनता की चिंता बढ़ गई है।

इस महीने ईंधन की कीमतों में पहली बड़ी बढ़ोतरी 15 मई को हुई थी, जब पेट्रोल-डीजल के दाम लगभग ₹3 प्रति लीटर बढ़ाए गए थे। इसके बाद 19 मई को करीब 90 पैसे और 23 मई को लगभग 91 पैसे की वृद्धि की गई। सोमवार की ताजा बढ़ोतरी के साथ लगातार चौथी बार दाम बढ़े हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव इसके प्रमुख कारण हैं। तेल आपूर्ति मार्गों को लेकर बढ़ती चिंताओं और वैश्विक बाजार में अस्थिरता का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दे रहा है।

तेल कंपनियों का कहना है कि आयात लागत बढ़ने और विदेशी मुद्रा पर दबाव के कारण घरेलू स्तर पर कीमतों में संशोधन करना पड़ा है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल का सीधा असर देश के ईंधन बाजार पर पड़ता है।

ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा। परिवहन और लॉजिस्टिक्स की लागत बढ़ने से रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम भी बढ़ सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में खाद्य पदार्थों और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।

विपक्षी दलों ने भी बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई से मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। वहीं सरकार की ओर से अभी तक कीमतों में राहत को लेकर कोई संकेत नहीं मिला है।

आर्थिक जानकारों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल के दाम में और बढ़ोतरी हो सकती है। इससे महंगाई दर पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है।

फिलहाल आम उपभोक्ताओं की नजर सरकार और तेल कंपनियों के अगले कदम पर टिकी हुई है। लगातार बढ़ती कीमतों ने घरेलू बजट पर असर डालना शुरू कर दिया है और लोगों के बीच महंगाई को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।



Discover more from जग वाणी

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *