
गिरफ्तार किए गए टाला थाने के प्रभारी अधिकारी अभिजीत मंडल को बीआर सिंह अस्पताल में मेडिकल परीक्षण के बाद सीबीआई द्वारा कोलकाता स्थित विशेष अपराध शाखा में लाया गया।
कोलकाता में एक प्रशिक्षु डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के सिलसिले में सीबीआई ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के साथ अभिजीत मंडल को गिरफ्तार किया था।
इस बीच, पश्चिम बंगाल के कोलकाता के साल्ट लेक इलाके में स्थित स्वास्थ्य भवन में जूनियर डॉक्टरों ने लगातार पांचवीं रात भी अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा।
इससे पहले शनिवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी प्रदर्शनकारी डॉक्टरों से मिलने स्वास्थ्य भवन गईं और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर ध्यान दिया जाएगा और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डॉक्टरों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने उनकी स्थिति पर चिंता व्यक्त की और कहा कि बारिश में उनके विरोध प्रदर्शन के कारण उनकी नींद उड़ गई है।
उन्होंने कहा, “मैं खुद एक छात्र नेता रही हूं और जीवन में बहुत संघर्ष किया है, इसलिए मैं आपकी स्थिति समझती हूं। मुझे अपनी स्थिति की चिंता नहीं है। जब आप विरोध कर रहे थे, तब पूरी रात बारिश हुई थी और मैं चिंतित थी… मैं आपकी मांगों की समीक्षा करूंगी। मैं अकेले सरकार नहीं चलाती हूं; मैं वरिष्ठ अधिकारियों से सलाह कर समाधान निकालूंगी। जो भी दोषी होगा, उसे सजा मिलेगी। मैं कुछ समय मांगती हूं। राज्य सरकार आपके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेगी।”
उन्होंने प्रदर्शनकारी डॉक्टरों से काम पर लौटने का आग्रह करते हुए कहा, “मैं आपसे काम पर लौटने का अनुरोध करती हूं। अस्पताल के विकास, बुनियादी ढांचे और सुरक्षा से जुड़े सभी काम शुरू हो चुके हैं और आगे भी जारी रहेंगे।”
9 अगस्त को आरजी कर मेडिकल कॉलेज के सेमिनार हॉल में द्वितीय वर्ष की स्नातकोत्तर मेडिकल छात्रा के साथ बलात्कार किया गया और उसकी हत्या कर दी गई।

इस न्यूज़ पोर्टल पर उपलब्ध फ़ीड्स विभिन्न बाहरी स्रोतों द्वारा प्रकाशित सामग्री का संकलन हैं, जिन्हें पाठकों तक त्वरित रूप से पहुँचाने के उद्देश्य से प्रस्तुत किया जाता है। इन सामग्रियों का मूल स्वरूप सामान्यतः यथावत रखा जाता है और पोर्टल की ओर से इनमें कोई संपादकीय हस्तक्षेप नहीं किया जाता।
हालाँकि, खोज इंजन अनुकूलन (SEO) की आवश्यकताओं के तहत शीर्षक या प्रस्तुति में मामूली तकनीकी परिवर्तन किए जा सकते हैं, जिनका उद्देश्य केवल सामग्री की पहुँच और दृश्यता बढ़ाना होता है, न कि उसके आशय को बदलना।
पाठकों से अनुरोध है कि फ़ीड्स का उपयोग या संदर्भ लेने से पहले पोर्टल की नीतियों को अवश्य पढ़ें, ताकि स्रोत, दायित्व और उपयोग की शर्तों को स्पष्ट रूप से समझा जा सके।
Discover more from जग वाणी
Subscribe to get the latest posts sent to your email.