
नई दिल्ली, 26 मई (केएनएन) भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) ग्रामीण और अर्ध-शहरी भारत में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को किफायती ऋण देने के लिए क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRB) के साथ सक्रिय रूप से एक सह-ऋण मॉडल विकसित कर रहा है।
संस्थान के 37वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में, सिडबी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक मनोज मित्तल ने कहा, “हमने तीन आरआरबी की कुछ शाखाओं के साथ एक पायलट प्रोजेक्ट किया है और परिणाम काफी उत्साहजनक रहे हैं। आरआरबी की 23 शाखाओं के साथ, हम भारत के हर कोने में बड़े पैमाने पर किफायती एमएसएमई क्रेडिट का विस्तार करने का इरादा रखते हैं।”
आरआरबी की समीक्षा बैठक के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के निर्देशों के बाद सह-उधार पहल की संकल्पना की गई थी।
उन्होंने जोर देकर कहा, “सिडबी को आरआरबी के साथ एक जोखिम साझाकरण तंत्र बनाने का काम सौंपा गया था। पूरे प्रोजेक्ट के लिए आरआरबी को आश्वस्त करना, नियामक अनुमोदन, प्रत्येक आरआरबी के लिए ऋण नीतियां बनाना और एक अनुकूल प्रौद्योगिकी मंच की आवश्यकता थी।”
मित्तल ने प्रकाश डाला कि मॉडल सिडबी की एमएसएमई वित्तपोषण विशेषज्ञता और डिजिटल क्षमताओं को आरआरबी की व्यापक जमीनी पहुंच के साथ जोड़ता है, जिसका उद्देश्य वंचित क्षेत्रों में अंतिम-मील क्रेडिट वितरण को मजबूत करना है।
मित्तल ने कहा कि सिडबी अपने व्यापक एमएसएमई क्षेत्र विकास जनादेश के हिस्से के रूप में अगले दो वर्षों में उद्योग संघों के साथ अपनी भागीदारी को 105 से बढ़ाकर 500 करने की योजना बना रहा है।
(केएनएन ब्यूरो)

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