
तमिलनाडु में सरकार गठन संकट के बीच Zoho संस्थापक श्रीधर वेम्बू ने राष्ट्रपति शासन और दोबारा चुनाव की मांग की।
तमिलनाडु में सरकार गठन पर संकट, ZOHO के संस्थापक श्रीधर वेम्बू ने दोबारा चुनाव की वकालत की
स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने पर बोले वेम्बू — “तमिलनाडु बेहतर शासन का हकदार”
चेन्नई, 7 मई (जग वाणी न्यूज़ डेस्क): तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद राज्य में सरकार गठन को लेकर जारी राजनीतिक अनिश्चितता के बीच Sridhar Vembu ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए और फिर से चुनाव कराए जाने चाहिए, क्योंकि मौजूदा परिस्थितियों में स्थिर सरकार बनती नहीं दिख रही।
जोहो (Zoho) के सह-संस्थापक वेम्बू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि “तमिलनाडु बेहतर स्थिति का हकदार है।” उन्होंने दावा किया कि यदि दोबारा चुनाव कड़ी निगरानी और “कैश फॉर वोट” पर सख्त रोक के साथ कराया जाए, तो जनता का वास्तविक जनादेश सामने आएगा।
तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में अभिनेता से राजनेता बने Vijay की पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। पार्टी ने 108 सीटें जीती हैं, लेकिन बहुमत के लिए आवश्यक 118 सीटों से अभी भी 10 सीट पीछे है।
“अस्थिर सरकार ज्यादा दिन नहीं चलेगी”
वेम्बू ने अपने बयान में कहा कि वर्तमान राजनीतिक गणित स्थिर सरकार की ओर इशारा नहीं करता। उनके अनुसार, अगर अलग-अलग दलों के समर्थन से सरकार बनाई जाती है, तो उस पर लगातार दबाव और खींचतान बनी रहेगी।
उन्होंने लिखा,
“संख्या का गणित मेल नहीं खा रहा। जो भी सरकार बनेगी, वह विभिन्न दबावों के कारण अस्थिर हो सकती है। राष्ट्रपति शासन और फिर नए चुनाव बेहतर विकल्प हो सकते हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि यदि विपक्षी दल TVK को रोकना चाहते हैं, तो उन्हें एकजुट होकर चुनाव लड़ना चाहिए। वेम्बू का मानना है कि सख्त चुनावी निगरानी के बीच फिर से मतदान होने पर विजय “सुपर बहुमत” के साथ लौट सकते हैं।
राज्यपाल से मिले विजय
सरकार गठन की कवायद के बीच Vijay ने तमिलनाडु के राज्यपाल Rajendra Arlekar से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया है।
हालांकि, रिपोर्ट्स के अनुसार राज्यपाल ने विजय से 118 विधायकों के समर्थन वाले हस्ताक्षर पेश करने को कहा है। इसके बाद ही शपथ ग्रहण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकता है।
कांग्रेस का सशर्त समर्थन, AIADMK ने किया इनकार
राजनीतिक घटनाक्रम के बीच Indian National Congress ने TVK को सशर्त समर्थन देने के संकेत दिए हैं। दूसरी ओर All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam (AIADMK) ने सार्वजनिक रूप से साफ कर दिया है कि वह विजय के नेतृत्व वाली सरकार का समर्थन नहीं करेगी।
वहीं Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) अभी तक अपने अगले कदम को लेकर खुलकर सामने नहीं आई है।
संवैधानिक बहस भी तेज
राजनीतिक संकट के बीच संवैधानिक विशेषज्ञों और कई क्षेत्रीय नेताओं का कहना है कि सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते TVK को पहले सरकार बनाने का अवसर मिलना चाहिए। उनका तर्क है कि विधानसभा में बहुमत साबित करने का मौका देना लोकतांत्रिक परंपरा का हिस्सा है।
दूसरी ओर कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यदि समर्थन जुटाने के लिए बड़े पैमाने पर राजनीतिक समझौते और दल-बदल की स्थिति बनती है, तो इससे शासन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
तमिलनाडु की राजनीति में नया मोड़
इस चुनाव में TVK का प्रदर्शन तमिलनाडु की पारंपरिक राजनीति के लिए बड़ा संकेत माना जा रहा है। दशकों से राज्य की राजनीति मुख्य रूप से DMK और AIADMK के बीच केंद्रित रही है। लेकिन इस बार विजय की पार्टी ने बड़ी चुनावी सफलता हासिल कर सत्ता समीकरण बदल दिए हैं।
अब नजर इस बात पर है कि क्या विजय बहुमत जुटाने में सफल होते हैं या राज्य को राष्ट्रपति शासन और संभावित पुनः चुनाव की ओर बढ़ना पड़ेगा।
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