
नई दिल्ली, 20 नवंबर (केएनएन) केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के अध्यक्ष रवि अग्रवाल ने करदाताओं से 31 दिसंबर तक अपने आयकर रिटर्न (आईटीआर) में अपनी विदेशी आय और संपत्ति का खुलासा करने का आग्रह किया है।
बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह अनुस्मारक प्रकटीकरण आवश्यकताओं के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए आयकर विभाग के प्रयासों के हिस्से के रूप में आता है।
अग्रवाल ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कर विभाग विभिन्न देशों के साथ सूचना समझौतों के स्वचालित आदान-प्रदान के माध्यम से विदेशी संपत्तियों पर विस्तृत जानकारी प्राप्त करता है।
नई दिल्ली में भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले (आईआईटीएफ) में करदाताओं के लाउंज के उद्घाटन पर बोलते हुए उन्होंने कहा, “मूल इरादा करदाताओं को विदेशी संपत्ति घोषित करने की याद दिलाना है। वे 31 दिसंबर तक संशोधित रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।
विभाग सक्रिय रूप से उन व्यक्तियों तक पहुंच रहा है जिन्होंने उच्च मूल्य वाली विदेशी संपत्ति या आय का खुलासा नहीं किया है, एसएमएस और ईमेल के माध्यम से अनुस्मारक भेज रहे हैं।
प्रकटीकरण की आवश्यकता वाली विदेशी परिसंपत्तियों के प्रकारों में विदेश में रखे गए बैंक खाते, विदेशी नकद मूल्य बीमा, विदेशी व्यवसायों या संस्थाओं में वित्तीय हित, भारत के बाहर अचल संपत्ति, विदेशी इक्विटी या ऋण हित, खाते जहां व्यक्ति के पास हस्ताक्षर करने का अधिकार है, और अन्य पूंजीगत संपत्तियां शामिल हैं। विदेश।
यह पहल कर विभाग की हालिया चेतावनी का पालन करती है, जिसमें चेतावनी दी गई थी कि आईटीआर फाइलिंग में विदेशी संपत्ति या विदेश में अर्जित आय का खुलासा करने में विफल रहने पर काले धन विरोधी कानून के तहत 10 लाख रुपये का जुर्माना लग सकता है।
विभाग का लक्ष्य निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी फाइलिंग को सुधारने का अवसर प्रदान करते हुए करदाताओं के बीच पारदर्शिता और अनुपालन सुनिश्चित करना है।
(केएनएन ब्यूरो)

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