
नई दिल्ली, 24 जून (केएनएन) कपड़ा मंत्रालय ने 2030 तक भारत के कपड़ा और परिधान निर्यात को लगभग 37 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़ाकर 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने की रणनीति तैयार करने के लिए नई दिल्ली में एक विभागीय शिखर सम्मेलन आयोजित किया।
कैबिनेट सचिवालय की विभागीय शिखर बैठक पहल के तहत आयोजित शिखर सम्मेलन में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, जिला प्रशासन, निर्यात संवर्धन परिषदों, उद्योग निकायों, निर्यातकों, वित्तीय संस्थानों और शिक्षा जगत के प्रतिनिधियों को एक साथ लाया गया।
यह अभ्यास 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों और लगभग 200 जिलों में परामर्श के बाद हुआ, जिसके कारण राज्य और जिला निर्यात कार्य योजनाएं तैयार की गईं।
दो दिवसीय शिखर सम्मेलन के पहले दिन विचार-विमर्श जिला और क्लस्टर के नेतृत्व वाले निर्यात विकास पर केंद्रित था, जिसमें लुधियाना, तिरुपुर, सूरत और भदोही जैसे प्रमुख कपड़ा केंद्रों पर चर्चा हुई।
प्रतिभागियों ने प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार, मूल्य श्रृंखलाओं को मजबूत करने और बदलती वैश्विक मांग के साथ उत्पादन को संरेखित करने के उपायों की जांच की, जिसमें मानव निर्मित फाइबर-आधारित उत्पादों की ओर बढ़ता बदलाव भी शामिल है।
एक अलग सत्र में उत्पाद विकास, डिजाइन वृद्धि, मूल्य संवर्धन और तकनीकी वस्त्रों में अवसरों की खोज की गई। चर्चाओं में निर्यात बाजारों के विस्तार में ब्रांडिंग, भौगोलिक संकेत (जीआई) उत्पादों, सामग्री नवाचार और उपभोक्ता-केंद्रित उत्पाद विकास की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया।
प्रतिभागियों ने भारत के कपड़ा क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार के लिए पीएम मित्र पार्क सहित एकीकृत विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र की भूमिका पर भी चर्चा की।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने अपने संबंधित निर्यात कार्य योजनाओं से उभरने वाले क्षेत्र-विशिष्ट अवसरों और चुनौतियों की पहचान करने के लिए विषयगत सत्रों में भाग लिया।
शिखर सम्मेलन की सिफारिशों को राष्ट्रीय कपड़ा निर्यात रोडमैप 2030 में समेकित किया जाएगा, जो निर्यात का विस्तार करने, कपड़ा समूहों को मजबूत करने और वैश्विक कपड़ा और परिधान बाजारों में भारत की स्थिति को बढ़ाने के लिए रणनीतियों की रूपरेखा तैयार करेगा।
(केएनएन ब्यूरो)

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