डिफॉल्ट के बाद कंपनियां संविदात्मक ब्याज दरों को अनुचित नहीं करार दे सकतीं
नई दिल्ली, 6 दिसंबर (केएनएन) सुप्रीम कोर्ट ने मॉर्गन सिक्योरिटीज एंड क्रेडिट्स प्राइवेट लिमिटेड को ब्रिटिश फिजिकल लैबोरेटरीज (बीपीएल) लिमिटेड के बकाए पर 36 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर लागू करने वाले एक मध्यस्थ पुरस्कार को बरकरार रखा है, यह फैसला देते हुए कि वाणिज्यिक संस्थाएं उन ब्याज दरों को चुनौती नहीं दे सकती हैं जिन्हें उन्होंने अनुबंध में स्वेच्छा से स्वीकार किया है।
न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की खंडपीठ ने बीपीएल की अपील को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि एक बार जब पार्टियां पारस्परिक रूप से ब्याज दर पर सहमत हो जाती हैं, तो वे उन शर्तों से सख्ती से बंधे होते हैं।
न्यायालय ने कहा कि मध्यस्थता न्यायाधिकरण और दिल्ली उच्च न्यायालय समझौते में निर्दिष्ट मासिक कंपाउंडिंग की अनुमति देने में सही थे। बेंच ने कहा, "सुविधा का लाभ उठाने के बाद कोई उधारकर्ता इस दर को अनुचित य...









