केंद्र ने यात्री वाहनों के लिए सख्त ईंधन दक्षता मानदंडों का प्रस्ताव दिया है
नई दिल्ली, 18 जुलाई (केएनएन) ऊर्जा मंत्रालय द्वारा जारी एक मसौदा अधिसूचना के अनुसार, केंद्र ने कच्चे तेल के आयात को कम करने, ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने और उत्सर्जन पर अंकुश लगाने के लिए यात्री वाहनों के लिए नए ईंधन दक्षता मानकों का प्रस्ताव दिया है।
प्रस्तावित मानदंड मार्च 2032 को समाप्त होने वाली पांच साल की अवधि में निर्मित वाहनों पर लागू होंगे, ईंधन दक्षता आवश्यकताएं हर साल उत्तरोत्तर सख्त होती जाएंगी। सार्वजनिक परामर्श के बाद नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
तेल आयात और उत्सर्जन में कटौती का लक्ष्यमंत्रालय ने कहा कि संशोधित मानकों से यात्री वाहनों की औसत ईंधन दक्षता में सुधार होने की उम्मीद है, जिससे ईंधन की खपत कम होगी, आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम होगी और तेल आयात बिल कम होगा।
भारत वर्तमान में अपनी कच्चे तेल की लगभग 90 प्रतिशत आवश्यकता को आयात के माध्यम से पूरा करता है। पश्चिम एशिया म...









