बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए भारत ने 97 गीगावॉट नई कोयला, लिग्नाइट-आधारित बिजली क्षमता की योजना बनाई है
नई दिल्ली, 9 फरवरी (केएनएन) सरकार ने अतिरिक्त बिजली की मांग को पूरा करने के लिए अतिरिक्त 97 गीगावाट (जीडब्ल्यू) कोयला और लिग्नाइट-आधारित (थर्मल) बिजली क्षमता स्थापित करने की परिकल्पना की है, जिसमें पिछले कुछ वर्षों में लगातार वृद्धि देखी गई है।
वर्ष 2034-35 तक भारत की अनुमानित थर्मल क्षमता की आवश्यकता लगभग 307 गीगावॉट होने का अनुमान है, जबकि मार्च 2023 तक स्थापित क्षमता लगभग 212 गीगावॉट थी।
यह जानकारी ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद नाइक ने आज राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में दी.
मंत्री ने कहा कि अप्रैल 2023 से 20 जनवरी 2026 तक लगभग 17,360 मेगावाट की थर्मल क्षमता पहले ही चालू हो चुकी है। इसके अलावा, 4,845 मेगावाट की तनावग्रस्त थर्मल पावर परियोजनाओं सहित 39,545 मेगावाट की थर्मल क्षमता वर्तमान में निर्माणाधीन है।
उन्होंने कहा कि 22,920 मेगावाट के लिए अनुबंध दिए जा चुके हैं और निर्माण के लिए है...








