
नई दिल्ली, 1 फरवरी (केएनएन) वित्त मंत्री निर्मला सितारमन ने अपने केंद्रीय बजट 2025 भाषण के दौरान सूक्ष्म, छोटे और मध्यम उद्यमों (MSMES) क्षेत्र के लिए दो प्रमुख वित्तीय पहलों का अनावरण किया।
सरकार मौजूदा कार्यक्रमों की तुलना में विस्तारित गुंजाइश की विशेषता वाले 10 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ धन का एक नया फंड स्थापित करेगी।
वित्त मंत्री ने जोर देकर कहा कि यह फंड देश के उद्यमशीलता पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करेगा।
फंड ऑफ फंड के अलावा, सितारमन ने एक लक्षित उधार योजना की घोषणा की, जिसे विशेष रूप से व्यापार में कम करके समूहों का समर्थन करने के लिए डिज़ाइन किया गया था।
कार्यक्रम में पांच लाख पहली बार उद्यमियों को लाभ होगा, जिसमें अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों (एससी/एसटी) समुदायों की महिलाओं और व्यक्तियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इस पहल के तहत, पात्र उद्यमी अगले पांच वर्षों में 2 करोड़ रुपये तक के ऋण का उपयोग कर सकते हैं, जो समावेशी आर्थिक विकास के लिए पर्याप्त प्रतिबद्धता को चिह्नित करते हैं।
ये घोषणाएँ ऐतिहासिक आर्थिक असमानताओं को संबोधित करते हुए उद्यमिता को बढ़ावा देने पर सरकार के निरंतर जोर को दर्शाती हैं।
विशिष्ट जनसांख्यिकी के लिए लक्षित समर्थन बनाने के साथ -साथ एक व्यापक फंड की स्थापना का दोहरा दृष्टिकोण समाज के विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए एक व्यापक रणनीति का सुझाव देता है।
(केएनएन ब्यूरो)

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