
लखनऊ, 12 नवंबर (केएनएन) उत्तर प्रदेश की आर्थिक विकास रणनीति में एक महत्वपूर्ण कदम को चिह्नित करते हुए, सोमवार को पंचायती राज प्रशिक्षण संस्थान में नव नियुक्त उद्यमी मित्रों (उद्यमी सुविधा प्रदाताओं) के लिए एक व्यापक दो सप्ताह का प्रेरण कार्यक्रम शुरू किया गया।
मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने प्रेरकों को संबोधित करते हुए, भारत की जीडीपी में राज्य के 9.2 प्रतिशत योगदान को ध्यान में रखते हुए, यूपी की पर्याप्त आर्थिक क्षमता पर प्रकाश डाला।
उन्होंने भारत के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य के रूप में यूपी की स्थिति का लाभ उठाते हुए, राज्य की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के बेंचमार्क तक आगे बढ़ाने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दृष्टिकोण पर जोर दिया।
इस पहल का उद्देश्य इन सुविधा प्रदाताओं को निवेशकों और सरकार के बीच प्रमुख मध्यस्थों के रूप में स्थापित करना है।
सिंह ने इन्वेस्ट यूपी के माध्यम से यूपी के संसाधनों के लाभप्रद संयोजन, अनुकूल माहौल और सहायक नीति ढांचे पर प्रकाश डालते हुए निवेशकों की जरूरतों को समझने के महत्व पर जोर दिया।
औद्योगिक विकास के प्रमुख सचिव, अनिल कुमार सागर ने चावल, गेहूं, गन्ना और दूध उत्पादन में यूपी की कृषि शक्तियों को रेखांकित किया।
उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे राज्य का औद्योगिक विस्तार ‘मेक इन इंडिया’ पहल और उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाओं के साथ संरेखित होता है, साथ ही वैश्विक संरक्षणवादी रुझानों के बीच मुक्त व्यापार समझौतों के महत्व पर भी चर्चा की।
इन्वेस्ट यूपी के सीईओ और औद्योगिक विकास सचिव अभिषेक प्रकाश ने राज्य की ट्रिलियन-डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने में उद्यमी मित्रों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।
उन्होंने निवेश सुविधाप्रदाता के रूप में अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करते हुए उच्च अखंडता मानकों को बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य के शिक्षित युवाओं के लिए औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन पर ध्यान केंद्रित करते हुए, निवेश गंतव्य के रूप में यूपी की स्थिति को बढ़ाने के लिए एक रणनीतिक पहल का प्रतिनिधित्व करता है।
नवनियुक्त फैसिलिटेटर राज्य के आर्थिक विकास ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करेंगे।
(केएनएन ब्यूरो)

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