पश्चिम बंगाल चुनाव में रिकॉर्ड 92.47% मतदान, महिलाओं ने पुरुषों को पीछे छोड़ा

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पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड मतदान: 92.47% वोटिंग के साथ बना नया इतिहास

महिलाओं की भागीदारी पुरुषों से अधिक; कड़ी सुरक्षा और निगरानी में शांतिपूर्ण मतदान संपन्न


कोलकाता, 30 अप्रैल (जग वाणी न्यूज़ डेस्क): पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में इस बार रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया है। दो चरणों में हुए मतदान में कुल 92.47 प्रतिशत वोटिंग हुई, जो आजादी के बाद अब तक का सबसे अधिक है। इससे पहले राज्य में 2011 के चुनाव में 84.72 प्रतिशत मतदान हुआ था।

निर्वाचन आयोग के अनुसार, बुधवार को हुए दूसरे और अंतिम चरण में शाम 7:45 बजे तक 91.66 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इससे पहले पहले चरण में 93.19 प्रतिशत मतदान हुआ था। दोनों चरणों को मिलाकर कुल मतदान 92.47 प्रतिशत रहा।

राज्य में कुल 6.81 करोड़ मतदाता हैं। आयोग ने स्पष्ट किया कि ये आंकड़े अस्थायी हैं और इसमें सेवा मतदाता तथा डाक मतपत्र शामिल नहीं हैं। अंतिम आंकड़े में हल्का बदलाव संभव है।

महिलाओं ने बढ़चढ़कर लिया हिस्सा

इस चुनाव की खास बात यह रही कि महिला मतदाताओं की भागीदारी पुरुषों से अधिक रही। आयोग के अनुसार, कुल 93.24 प्रतिशत महिला मतदाताओं ने वोट डाला, जबकि पुरुषों का मतदान प्रतिशत 91.74 प्रतिशत रहा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह रुझान सामाजिक जागरूकता और महिलाओं की बढ़ती राजनीतिक भागीदारी को दर्शाता है।

क्षेत्रवार मतदान और हालात

सबसे कम मतदान कोलकाता (दक्षिण) जिले में 87.25 प्रतिशत दर्ज किया गया। हालांकि कुछ स्थानों पर छिटपुट हिंसा और झड़पों की खबरें सामने आईं, लेकिन कुल मिलाकर मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही।

चुनाव को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की 2,407 कंपनियां तैनात की गई थीं। इसके अलावा 142 सामान्य पर्यवेक्षक और 95 पुलिस पर्यवेक्षकों ने मतदान प्रक्रिया की निगरानी की।

चुनाव आयोग की निगरानी और बयान

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रिकॉर्ड मतदान पर खुशी जताते हुए कहा कि राज्य के मतदाताओं ने लोकतंत्र में अपनी आस्था मजबूत की है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में मतदान करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया की मजबूती का संकेत है।

सीईओ कार्यालय के अनुसार, मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों ने लाइव वेबकास्टिंग के माध्यम से सभी मतदान केंद्रों की निगरानी की। हर बूथ पर इस व्यवस्था को सुनिश्चित किया गया था।

अन्य राज्यों से तुलना

हाल ही में हुए अन्य राज्यों के चुनावों में भी मतदान प्रतिशत ऊंचा रहा है। 9 अप्रैल को असम में 85.38 प्रतिशत और पुडुचेरी में 89.83 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। तमिलनाडु में 2011 में 78.29 प्रतिशत मतदान हुआ था, जो उस राज्य का उच्चतम स्तर था।

इन राज्यों में भी महिलाओं की भागीदारी पुरुषों से अधिक रही, जो देशभर में एक सकारात्मक बदलाव का संकेत है।

पश्चिम बंगाल हमेशा से राजनीतिक रूप से सक्रिय राज्य रहा है। यहां चुनावों में भागीदारी परंपरागत रूप से अधिक रही है। हालांकि इस बार का मतदान प्रतिशत पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए नई ऊंचाई पर पहुंच गया है।

पहले चरण में 152 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ था, जबकि दूसरे चरण में शेष 142 सीटों पर वोट डाले गए।

आगे की दिशा

अब सभी की नजर 4 मई को होने वाली मतगणना पर है, जब पश्चिम बंगाल समेत तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी के चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे। रिकॉर्ड मतदान से यह संकेत मिल रहा है कि इस बार चुनाव परिणाम भी बेहद दिलचस्प हो सकते हैं।


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