हज कमिटी ने नई हज नीति हेतु अपनी रिपोर्ट भारत सरकार को सौंपी

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मुंबई (पसुका समाचार): भारत सरकार द्वारा देश में 2013-17 की हज नीति की समीक्षा करने तथा 2018-22 के लिए नई हज नीति की रूपरेखा पर  परामर्श देने के लिए एक समिति गठित की गयी थी। उक्त समिति ने आज यहाँ भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्री  मुख्तार अब्बास नकवी को अपनी रिपोर्ट सौंप दी। आज मुंबई यह रिपोर्ट भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य सचिव अमेयसिंग लुइखम, अध्यक्ष, भारतीय हज समिति, चौधरी महबूब अली कैसर, सऊदी अरबमें भारत के राजदूत अहमद जावेद, भारतीय हज समिति के अन्य सदस्यों और अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारीयों की मौजूदगी में यह रिपोर्ट पेश की गयी।
गौर तलब है कि, भारत से हज के लिए लोग दो माध्यमों से सऊदी अरब जाते हैं। हर वर्ष देश को आवंटित कुल कोटे में से कुछ लोग देश के हज कमिटी की तरफ से जाते हैं, जिसका प्रबंधन भारत सरकार के हाथों में है। इसके अलावा हज पर जाने का दूसरा माध्यम  पंजीकृत निजी टूर आपरेर्ट्स हैं। 

सुप्रीमकोर्ट के दिशानिर्देशों के तहत हज कमिटी और निजी टूर आपरेटरों हेतु वर्तमान हज नीति की समीक्षा किया जाना है तथा नई हज नीति बनाना। इसीलिए भारत सरकार के अधीन  अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने इस सम्बन्ध में एक समिति गठित की थी जिसका संयोजक सेवानिवृत्त, आईएएस अधिकारी अफजलअमानुल्लाह को बनाया गया था। उनके अलावा इस समिति में जस्टिस(सेवानिवृत्त) एस. एस. पार्कर, बॉम्बे उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, कैसर शमीम, आईआरएस (सेवानिवृत्त) तथा कमाल फारूकी, प्रसिद्ध चार्टर्ड एकाउंटेंट सदस्य थे। अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय में हज प्रभारी संयुक्त सचिव जे. आलम समिति के सदस्य सचिव थे।


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