CBI ने अनिल अंबानी और RCOM पर दर्ज किया नया केस, LIC को ₹3750 करोड़ नुकसान का आरोप

Anil-Ambani CBI ने अनिल अंबानी और RCOM पर दर्ज किया नया केस, LIC को ₹3750 करोड़ नुकसान का आरोप

LIC को ₹3,750 करोड़ की कथित चपत: CBI ने अनिल अंबानी और रिलायंस कम्युनिकेशंस पर नया केस दर्ज किया

फर्जी वित्तीय दावों के आधार पर ₹4,500 करोड़ के NCD निवेश का आरोप, फॉरेंसिक ऑडिट में फंड डायवर्जन और शेल कंपनियों के इस्तेमाल की बात


मुंबई, 1 अप्रैल (न्यूज़ डेस्क): केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCOM), उसके प्रमोटर अनिल धीरजलाल अंबानी और अन्य के खिलाफ एक नया मामला दर्ज किया है। एजेंसी का आरोप है कि कंपनी और उसके प्रबंधन ने भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) को गुमराह कर ₹4,500 करोड़ के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) में निवेश करवाया, जिससे LIC को लगभग ₹3,750 करोड़ का नुकसान हुआ।

CBI के अनुसार, यह मामला 1 अप्रैल 2026 को LIC की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया। शिकायत में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, गबन और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराधों का आरोप लगाया गया है।

जांच एजेंसी का कहना है कि रिलायंस कम्युनिकेशंस और उसके प्रबंधन ने कंपनी की वित्तीय स्थिति, उपलब्ध सुरक्षा और एसेट कवर को लेकर गलत जानकारी दी। इन दावों के आधार पर LIC को NCDs खरीदने के लिए प्रेरित किया गया।

यह मामला 15 अक्टूबर 2020 की एक फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट पर आधारित है, जिसे BDO इंडिया LLP ने तैयार किया था। रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताओं का जिक्र किया गया है।

ऑडिट के अनुसार:

  • बैंकों और वित्तीय संस्थानों से जुटाए गए फंड का दुरुपयोग किया गया
  • सहायक कंपनियों के माध्यम से धन का ट्रांसफर किया गया
  • फर्जी बिलों के जरिए फाइनेंसिंग और डिस्काउंटिंग की गई
  • इंटर-कंपनी डिपॉजिट और शेल कंपनियों के माध्यम से फंड की निकासी हुई
  • काल्पनिक देनदार और रिसीवेबल्स दिखाकर बैलेंस शीट को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया
  • सुरक्षा और संपत्ति के मूल्य को वास्तविक से अधिक दर्शाया गया

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कंपनी द्वारा दिखाए गए एसेट्स और वास्तविक चार्ज के बीच स्पष्ट अंतर था।

CBI इससे पहले भी रिलायंस कम्युनिकेशंस और अनिल अंबानी के खिलाफ तीन अलग-अलग मामलों में जांच शुरू कर चुकी है। वे मामले विभिन्न बैंकों के साथ कथित धोखाधड़ी से जुड़े हैं। ताजा मामला खास तौर पर LIC से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं पर केंद्रित है।

CBI ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और सभी संबंधित दस्तावेजों, लेन-देन और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। एजेंसी यह भी देख रही है कि क्या इसमें सरकारी अधिकारियों की भूमिका रही है, क्योंकि मामले में “अज्ञात लोक सेवकों” का भी उल्लेख किया गया है।

यदि आरोप साबित होते हैं, तो इसमें शामिल व्यक्तियों और संस्थाओं पर आपराधिक कार्रवाई हो सकती है। इसमें साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार से जुड़े प्रावधानों के तहत सख्त सजा का प्रावधान है।

रिलायंस कम्युनिकेशंस एक समय देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों में शामिल थी, लेकिन बढ़ते कर्ज और प्रतिस्पर्धा के चलते कंपनी की वित्तीय स्थिति कमजोर होती गई। पिछले कुछ वर्षों में कंपनी पर कई वित्तीय अनियमितताओं के आरोप भी लगते रहे हैं।

LIC, जो देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी है, सार्वजनिक धन का प्रबंधन करती है। ऐसे में इस तरह के मामलों का असर निवेशकों और पॉलिसीधारकों के विश्वास पर भी पड़ सकता है।

CBI की जांच आगे किन निष्कर्षों तक पहुंचती है, इस पर सभी की नजर रहेगी। आने वाले समय में चार्जशीट दाखिल होने और अदालत में सुनवाई शुरू होने की संभावना है। इस मामले का असर न केवल संबंधित कंपनियों पर बल्कि वित्तीय क्षेत्र की पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी पड़ेगा।


Discover more from जग वाणी

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *