Oracle Layoffs: 30,000 वैश्विक छंटनी, भारत में 12,000 कर्मचारी प्रभावित

Oracle_logo Oracle Layoffs: 30,000 वैश्विक छंटनी, भारत में 12,000 कर्मचारी प्रभावित

Oracle में बड़ी छंटनी: वैश्विक स्तर पर 30,000 तक कर्मचारियों की नौकरी गई, भारत में करीब 12,000 प्रभावित

रिस्ट्रक्चरिंग के तहत अचानक फैसले, कर्मचारियों को सेवरेंस पैकेज की पेशकश; एक महीने में और छंटनी की आशंका

नई दिल्ली, 1 अप्रैल (न्यूज़ डेस्क): अमेरिका की प्रमुख आईटी कंपनी Oracle Corporation ने बड़े स्तर पर छंटनी की है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी ने वैश्विक स्तर पर लगभग 30,000 कर्मचारियों को बाहर किया है, जिनमें भारत के करीब 12,000 कर्मचारी शामिल हैं। यह कदम कंपनी के पुनर्गठन (रिस्ट्रक्चरिंग) के तहत उठाया गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में Oracle के कुल लगभग 30,000 कर्मचारी हैं, जिनमें से बड़ी संख्या इस छंटनी से प्रभावित हुई है। प्रभावित कर्मचारियों ने बताया कि यह निर्णय अचानक लिया गया और कई लोगों को बिना पूर्व संकेत के नौकरी से हटा दिया गया।

दो कर्मचारियों ने, जिनमें एक मानव संसाधन (HR) विभाग से भी हैं, दावा किया कि कंपनी एक महीने के भीतर दूसरी बड़ी छंटनी की तैयारी भी कर रही है। हालांकि, कंपनी ने इस पूरे घटनाक्रम पर आधिकारिक टिप्पणी करने से इनकार किया है।

Oracle ने कर्मचारियों को भेजे ईमेल में कहा कि संगठनात्मक बदलाव किए जा रहे हैं।
ईमेल में कहा गया, “इन बदलावों के कारण संचालन को सुव्यवस्थित करने का निर्णय लिया गया है, और इसके परिणामस्वरूप आपकी वर्तमान भूमिका अब आवश्यक नहीं रह गई है।”

इस संदेश के साथ कर्मचारियों को यह भी बताया गया कि उनकी भूमिका “रेडंडेंट” हो रही है, यानी वह पद अब कंपनी के ढांचे में नहीं रहेगा।

कंपनी ने प्रभावित कर्मचारियों को कुछ वित्तीय राहत देने का प्रस्ताव भी रखा है। रिपोर्ट्स के अनुसार:

  • दो महीने तक का अतिरिक्त वेतन (टॉप-अप)
  • हर साल की सेवा पर 15 दिन का वेतन
  • एक महीने का नोटिस पीरियड भुगतान
  • अवकाश नकदीकरण (Leave Encashment)
  • पात्रता के अनुसार ग्रेच्युटी

हालांकि, यह सेवरेंस पैकेज उन कर्मचारियों के लिए है जो “स्वेच्छा से और सौहार्दपूर्ण तरीके” से इस्तीफा देने के लिए सहमत होते हैं।

कुछ कर्मचारियों ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। पूर्व कर्मचारी मेरुगु श्रीधर ने दावा किया कि उन्हें सितंबर में नौकरी से निकाला गया था, जब उन्होंने भारत में 16 घंटे की कार्यशैली का विरोध किया था।

उन्होंने कहा, “मैंने अपने दोस्तों और HR में काम करने वाले लोगों से बात की। उन्होंने बताया कि अमेरिका में काम कर रहे भारतीय कर्मचारियों पर भी असर पड़ा है, क्योंकि वहां स्थानीय श्रम कानून काफी सख्त हैं।”

हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

तकनीकी क्षेत्र में पिछले कुछ समय से लागत कटौती और ऑटोमेशन के चलते छंटनी का दौर जारी है। बड़ी कंपनियां अपने ऑपरेशन्स को अधिक कुशल बनाने के लिए कर्मचारियों की संख्या कम कर रही हैं।

Oracle का यह कदम भी इसी व्यापक ट्रेंड का हिस्सा माना जा रहा है, जहां कंपनियां क्लाउड, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेशन पर अधिक ध्यान दे रही हैं।

Oracle विश्व की प्रमुख एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर और क्लाउड सेवाएं देने वाली कंपनियों में से एक है। भारत में कंपनी का बड़ा ऑपरेशन है, जहां हजारों इंजीनियर और टेक प्रोफेशनल काम करते हैं।

हाल के वर्षों में कंपनी ने क्लाउड बिजनेस पर फोकस बढ़ाया है, जिसके चलते पारंपरिक भूमिकाओं में बदलाव देखने को मिला है।

आने वाले हफ्तों में अगर दूसरी छंटनी होती है, तो इसका असर और गहरा हो सकता है। फिलहाल, कर्मचारियों में अनिश्चितता बनी हुई है। उद्योग विशेषज्ञ मानते हैं कि यह ट्रेंड आने वाले समय में भी जारी रह सकता है, खासकर टेक सेक्टर में।


Discover more from जग वाणी

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *