Author: ग़ज़नफ़र

ग़ज़नफ़र एक प्रतिष्ठित पत्रकार, लेखक, शोधकर्ता और मीडिया सलाहकार हैं। उनके पास पत्रकारिता के क्षेत्र में व्यापक अनुभव है और उन्होंने विभिन्न मीडिया आउटलेट्स के साथ काम किया है। ग़ज़नफ़र की लेखन शैली सरल, प्रभावशाली और सूचनात्मक है, जो उन्हें पाठकों के बीच लोकप्रिय बनाती है। ग़ज़नफ़र की रचनात्मकता और विश्लेषणात्मक क्षमता उनके लेखन और शोध में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। वे विभिन्न विषयों पर लिखते हैं और विभिन्न संगठनों को मीडिया से सम्बंधित विषयों पर परामर्श प्रदान करते हैं।
टेक्नोलॉजी, ट्विटर, साइंस न्यूज़

ट्विटर यूजर्स के लिए खुशखबरी, अब जल्द ही कर सकेंगे 280 करैक्टर्स वाले ट्वीट

माइक्रो ब्लॉग्गिंग साईट ट्विटर ने अपने यूजर्स के लिए 140 करैक्टर के ट्वीट की सीमा को बढ़ा कर दोगुना करने का निर्णय लिया है! दरअसल ट्विटर विचारों की अभिव्यक्ति हेतु काफ़ी लोकप्रिय प्लेटफार्म है! अब सरकार से लेकर राजनेता एवं आम आदमी तक ट्विटर के माध्यम से ही सन्देश देना अधिक सुगम और प्रभावशाली समझता है!  किन्तु अभी तक सन्देश लिखने की सीमा मात्र 140 करैक्टर की है, जो जल्द ही बढ़कर दोगुना होने वाला है! अक्षरों के इस बंधन की वजह से अक्सर लोग अपनी पूरी बातें कहने में चूक जाते थे! कुछ  यूजर कम अक्षरों में अपनी बातें कह पाने में सफ़ल नहीं हो पाते थे, उनके लिए यह प्लेटफार्म उपयुक्त मैसेजिंग प्लेटफार्म नहीं था! किन्तु अब उनके लिए भी ट्विटर उपयोगी साबित होने वाला है! क्योंकि  स्वयं ट्विटर ने ट्वीट करके अपने यूजर्स को बताया है कि, 280 करैक्टर्स वाले ट्वीट की टेस्ट‍िंग शुरू ...
देश

दिल्ली उच्चन्यायालय ने बाबा राम रहीम की दत्तक पुत्री हनीप्रीत इंसां की अग्रिम जमानत याचिका ख़ारिज की

नई दिल्ली। बाबा राम रहीम की दत्तक पुत्री और निकट सहयोगी हनीप्रीत इंसां की अग्रिम जमानत याचिका दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी और कहा कि, उनके लिए आत्मसमर्पण कर देना सबसे सुगम मार्ग होता। दिल्ली उच्च न्यायालय ने हनीप्रीत द्वारा दाखिल की गई याचिका को औचित्यपूर्ण नहीं माना , साथ ही न्यायालय ने हनीप्रीत को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय जाने की सलाह देते हुए कहा कि, यह दिल्ली उच्च न्यायालय का मामला ही नहीं है। गौर तलब है कि, हनीप्रीत हरियाणा में गिरफ्तारी से बचने का प्रयास करती रही हैं। उन्हों ने अपनी याचिका में इस बात का अंदेशा ज़ाहिर किया है कि, हरियाणा में उनकी जान को खतरा है। उनके वकील प्रदीप कुमार आर्य ने पीठ से हनीप्रीत को अग्रिम ज़मानत देने का अनुरोध करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय से कहा कि हनीप्रीत को जांच में शामिल होने से कोई आपत्ति नहीं है।  गौर ...