
नई दिल्ली, 16 जुलाई (केएनएन) भारी उद्योग मंत्रालय ने एसीसी बैटरी स्टोरेज के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना के तहत 10 गीगा-स्केल एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल (एसीसी) विनिर्माण क्षमता स्थापित करने के लिए लाभार्थियों के चयन के लिए वैश्विक बोलियां आमंत्रित की हैं।
10 गीगावॉट एसीसी क्षमता के लिए वैश्विक बोलियां आमंत्रित
15 जुलाई को जारी निविदा, योजना के तहत शेष 10 गीगावॉट क्षमता आवंटित करने का प्रयास करती है, जिसका लक्ष्य 50 गीगावॉट की कुल घरेलू एसीसी विनिर्माण क्षमता विकसित करना है। अब तक, घरेलू निर्माताओं को 40 GWh पहले ही प्रदान किया जा चुका है।
मंत्रालय के अनुसार, बोली-पूर्व सम्मेलन 29 जुलाई को आयोजित किया जाएगा, जबकि बोली जमा करने की अंतिम तिथि 13 अक्टूबर, 2026 है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, तकनीकी बोलियां 14 अक्टूबर, 2026 को खोली जाएंगी।
घरेलू बैटरी विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए पीएलआई योजना
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने घरेलू बैटरी विनिर्माण को बढ़ावा देने और आयातित एसीसी पर भारत की निर्भरता को कम करने के लिए 18,100 करोड़ रुपये के बजटीय परिव्यय के साथ मई 2021 में उन्नत रसायन सेल बैटरी स्टोरेज पर राष्ट्रीय कार्यक्रम को मंजूरी दी थी।
ग्रिड-स्केल ऊर्जा भंडारण पर ध्यान दें
मंत्रालय ने कहा कि ग्रिड-स्केल स्थिर ऊर्जा भंडारण के लिए निर्धारित 10 GWh क्षमता, बढ़ती ऊर्जा भंडारण आवश्यकताओं को संबोधित करके देश की विस्तारित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का समर्थन करेगी।
ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की पहल
इस पहल से ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने, आयात निर्भरता को कम करने और घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों निर्माताओं से निवेश को प्रोत्साहित करके भारत में विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बैटरी विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
(केएनएन ब्यूरो)

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