भारत बैटरी भंडारण एकीकरण के साथ स्वच्छ ऊर्जा को तेज करता है
नई दिल्ली, 19 अप्रैल (केएनएन) भारत की नवीकरणीय ऊर्जा (आरई) क्षेत्र एक महत्वपूर्ण परिवर्तन से गुजर रहा है, जो ग्रिड स्थिरता को बढ़ाने और महत्वाकांक्षी जलवायु लक्ष्यों को पूरा करने के लिए हाइब्रिड ऊर्जा भंडारण समाधान और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
बिजली मंत्रालय ने कहा है कि सभी नई सौर परियोजनाओं में न्यूनतम दो घंटे की सह-स्थित ऊर्जा भंडारण प्रणाली शामिल हैं, जो स्थापित क्षमता के 10 प्रतिशत के बराबर है।
इस निर्देश का उद्देश्य सौर और पवन ऊर्जा की आंतरायिक चुनौतियों का समाधान करना है, जो गैर-जनरेटिंग घंटों के दौरान अधिक विश्वसनीय ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करता है।
निजी क्षेत्र की पहल भी इस बदलाव में योगदान दे रही है। हिंदुस्तान पावर ने 100 मेगावाट बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली के साथ 100 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र विकसित करने के लिए असम में 620 करोड़ रुपये के निवेश की...









