
सीजेआई की टिप्पणी के बाद शुरू हुई कॉकरोच जनता पार्टी इंटरनेट पर बड़ा ट्रेंड बन गई है। जानिए क्या है यह ऑनलाइन आंदोलन, किसने शुरू किया और क्यों लाखों युवा इससे जुड़ रहे हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी: इंटरनेट के व्यंग्य से निकला युवाओं का डिजिटल गुस्सा
सीजेआई की टिप्पणी के बाद शुरू हुआ ऑनलाइन अभियान, कुछ ही दिनों में सोशल मीडिया पर लाखों लोग जुड़े
नई दिल्ली, 21 मई (जग वाणी न्यूज़ डेस्क): देश में बेरोजगारी, युवाओं की नाराजगी और इंटरनेट कल्चर के बीच इन दिनों एक नया नाम तेजी से चर्चा में है — “कॉकरोच जनता पार्टी”। इंटरनेट मीडिया पर शुरू हुआ यह व्यंग्यात्मक अभियान अब बड़े डिजिटल ट्रेंड में बदल चुका है। इंस्टाग्राम और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म पर इसके लाखों फॉलोअर जुड़ चुके हैं और युवा इसे मीम्स, पोस्ट और ऑनलाइन अभियानों के जरिए आगे बढ़ा रहे हैं।
इस पूरे विवाद की शुरुआत देश के प्रधान न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी से हुई। पिछले सप्ताह एक मामले की सुनवाई के दौरान उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि कुछ युवा “कॉकरोच” जैसे होते हैं, जिन्हें रोजगार नहीं मिलता और वे मीडिया, इंटरनेट मीडिया या आरटीआई एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करने लगते हैं। इस टिप्पणी के सामने आने के बाद इंटरनेट मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं।
हालांकि अगले ही दिन चीफ जस्टिस ने सफाई देते हुए कहा कि उनकी मौखिक टिप्पणियों को गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने कहा कि मीडिया के एक वर्ग ने इसे युवाओं पर हमला बताकर दिखाया, जबकि उनका ऐसा आशय नहीं था। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर बहस थमने के बजाय और तेज हो गई।
युवाओं के गुस्से से बना डिजिटल अभियान
इसी माहौल में “कॉकरोच जनता पार्टी” नाम से एक ऑनलाइन राजनीतिक व्यंग्य अभियान सामने आया। शुरुआत में इसे सिर्फ एक मीम पेज या इंटरनेट मजाक माना गया, लेकिन कुछ ही दिनों में यह एक बड़े डिजिटल आंदोलन जैसा दिखने लगा।
इस अभियान में बेरोजगारी, राजनीतिक व्यवस्था, न्यायपालिका, चुनावी राजनीति और सरकारी भर्ती जैसे मुद्दों को व्यंग्य के जरिए उठाया जा रहा है। युवाओं ने इसे “सिस्टम से निराश लोगों की आवाज” के रूप में पेश करना शुरू किया।
पार्टी का टैगलाइन है — “Voice of Lazy and Unapplied” यानी “आलसी और बेरोजगारों की आवाज”। यही टैगलाइन सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा वायरल हो रही है।
कुछ दिनों में लाखों फॉलोअर
कॉकरोच जनता पार्टी के सोशल मीडिया अकाउंट्स ने बेहद कम समय में बड़ी संख्या में लोगों को आकर्षित किया। बुधवार शाम तक इंस्टाग्राम पर इसके 60 लाख से ज्यादा फॉलोअर बताए गए, जबकि एक्स पर करीब 1.26 लाख लोग इससे जुड़ चुके थे।
सोशल मीडिया विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ एक मजाकिया ट्रेंड नहीं है, बल्कि युवाओं के भीतर मौजूद असंतोष का डिजिटल रूप भी है। खासकर बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में विवाद और राजनीतिक निराशा जैसे मुद्दों ने इसे तेजी से लोकप्रिय बनाया।
घोषणा पत्र में व्यंग्य के साथ राजनीतिक मांगें
कॉकरोच जनता पार्टी ने अपना एक “घोषणा पत्र” भी जारी किया है। इसमें कई मांगें ऐसी हैं जो व्यंग्यात्मक शैली में लिखी गई हैं, लेकिन उनके पीछे गंभीर राजनीतिक संदेश भी नजर आते हैं।
घोषणा पत्र में कैबिनेट में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग की गई है। इसके अलावा पार्टी बदलने वाले सांसदों और विधायकों पर 20 साल तक चुनाव लड़ने पर रोक लगाने की बात कही गई है।
घोषणा पत्र में यह मांग भी शामिल है कि सेवानिवृत्ति के बाद जजों को राज्यसभा जैसे राजनीतिक पद नहीं दिए जाने चाहिए। चुनावों में वैध वोट हटाने के मामलों पर कार्रवाई की मांग भी इसमें उठाई गई है।
इसके अलावा पार्टी ने नीट परीक्षा विवाद से जुड़े छात्रों के समर्थन में भी पोस्ट और बयान जारी किए हैं। यही कारण है कि कई छात्र समूह और युवा इंटरनेट यूजर इस अभियान से खुद को जोड़कर देख रहे हैं।
किसने शुरू किया यह अभियान
कॉकरोच जनता पार्टी अभियान की शुरुआत 30 वर्षीय अभिजीत डिपके ने की। वह अमेरिका की Boston University में पब्लिक रिलेशंस में मास्टर्स कर रहे हैं।
अभिजीत इससे पहले 2020 से 2023 के बीच Aam Aadmi Party की सोशल मीडिया टीम के साथ वालंटियर के तौर पर काम कर चुके हैं।
उन्होंने 16 मई को एक्स पर एक गूगल फॉर्म साझा करते हुए लोगों को इस “पार्टी” से जुड़ने का न्योता दिया था। इसके बाद यह अभियान तेजी से वायरल हो गया।
सदस्य बनने की शर्तें भी व्यंग्यात्मक
पार्टी के अनुसार सदस्य बनने के लिए व्यक्ति का “बेरोजगार, आलसी, हमेशा ऑनलाइन रहने वाला और प्रोफेशनल तरीके से शिकायत या गुस्सा जाहिर करने में सक्षम” होना जरूरी है।
यह पूरी भाषा इंटरनेट मीम कल्चर और सटायर शैली में लिखी गई है। लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इसके जरिए युवा अपनी निराशा और असहमति को हल्के-फुल्के लेकिन प्रभावशाली तरीके से सामने रख रहे हैं।
क्या यह सिर्फ मजाक है या नई डिजिटल राजनीति?
विशेषज्ञ मानते हैं कि इंटरनेट पर इस तरह के अभियान नई डिजिटल राजनीति का संकेत भी हो सकते हैं। पिछले कुछ वर्षों में सोशल मीडिया सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं रहा, बल्कि विरोध, अभियान और जनमत निर्माण का बड़ा मंच बन चुका है।
कॉकरोच जनता पार्टी फिलहाल किसी वास्तविक राजनीतिक दल के रूप में सामने नहीं आई है। इसे ऑनलाइन व्यंग्य समूह ही बताया जा रहा है। लेकिन इसकी लोकप्रियता यह जरूर दिखाती है कि बड़ी संख्या में युवा मौजूदा व्यवस्था से नाराज हैं और इंटरनेट को अपनी आवाज बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
आने वाले दिनों में यह अभियान केवल एक वायरल ट्रेंड बनकर रह जाएगा या किसी बड़े सामाजिक-राजनीतिक विमर्श में बदलेगा, इस पर नजर बनी रहेगी।
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ग़ज़नफ़र एक प्रतिष्ठित पत्रकार, लेखक, शोधकर्ता और मीडिया सलाहकार हैं। उनके पास पत्रकारिता के क्षेत्र में व्यापक अनुभव है और उन्होंने विभिन्न मीडिया आउटलेट्स के साथ काम किया है। ग़ज़नफ़र की लेखन शैली सरल, प्रभावशाली और सूचनात्मक है, जो उन्हें पाठकों के बीच लोकप्रिय बनाती है। ग़ज़नफ़र की रचनात्मकता और विश्लेषणात्मक क्षमता उनके लेखन और शोध में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। वे विभिन्न विषयों पर लिखते हैं और विभिन्न संगठनों को मीडिया से सम्बंधित विषयों पर परामर्श प्रदान करते हैं।
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