
नई दिल्ली, 7 अप्रैल (केएनएन) भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने उभरती वैश्विक चुनौतियों से निपटने और भारत की कृषि लचीलापन को मजबूत करने के लिए एक उच्च स्तरीय विशेष कार्य बल (एसटीएफ) का गठन किया है।
कृषि अनुसंधान और शिक्षा विभाग (डीएआरई) के सचिव और आईसीएआर के महानिदेशक मांगी लाल जाट के नेतृत्व में इस पहल का उद्देश्य राष्ट्रीय खाद्य और इनपुट सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए डेटा-संचालित रणनीति विकसित करना है।
किसान आउटरीच को बढ़ावा
कार्ययोजना के हिस्से के रूप में, आईसीएआर किसानों की भागीदारी बढ़ाने के लिए अपने ‘मेरा गांव मेरा गौरव’ (एमजीएमजी) कार्यक्रम को तेज करेगा। यह अभियान 100 आकांक्षी जिलों को प्राथमिकता देगा, व्यापक कृषि पद्धतियां प्रदान करेगा और जमीनी स्तर पर आत्मविश्वास पैदा करेगा।
कुशल उर्वरक उपयोग
एक समर्पित अभियान उर्वरकों और जैव-इनपुट के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देगा। गेहूं और चावल जैसी प्रमुख फसलों में उर्वरक की खपत को तर्कसंगत बनाने, संसाधन दक्षता में सुधार करने के लिए जिला-स्तरीय मूल्यांकन आयोजित किया जाएगा।
फसल विविधीकरण रणनीति
एसटीएफ बाजरा उगाने वाले क्षेत्रों की मैपिंग करके और कम उत्पादकता वाले क्षेत्रों में उच्च मूल्य वाले विकल्पों को बढ़ावा देकर विविधीकरण पर भी ध्यान केंद्रित करेगी। ख़रीफ़ सीज़न के दौरान चावल के खेतों में इको-मत्स्य पालन को एकीकृत करने जैसी पहल का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना है।
प्रौद्योगिकी-संचालित हस्तक्षेप
आईसीएआर ने चावल की सीधी बुआई (डीएसआर) सहित तकनीकी और मशीनीकृत समाधानों को बढ़ाने की योजना बनाई है। इन प्रयासों को मजबूत कृषि मौसम विज्ञान कार्यक्रमों के तहत वास्तविक समय की सलाह द्वारा समर्थित किया जाएगा।
प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए, साप्ताहिक प्रगति पर नज़र रखने और एकीकृत कार्य योजना के समन्वय के लिए मंडलों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
नीतिगत निर्णयों के लिए सरकार को समय पर इनपुट प्रदान करने के लिए संस्थागत विशेषज्ञता और फीडबैक सिस्टम का लाभ उठाते हुए टास्क फोर्स आवश्यकतानुसार बैठक करेगी।
(केएनएन ब्यूरो)

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