
नई दिल्ली, 30 मई (केएनएन) इंडियन काउंसिल फॉर रिसर्च ऑन इंटरनेशनल इकोनॉमिक रिलेशंस (ICRIER) और प्रोसस सेंटर फॉर इंटरनेट एंड डिजिटल इकोनॉमी (IPCIDE) द्वारा जारी भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था रिपोर्ट 2026 के अनुसार, जर्मनी, फ्रांस, जापान और कनाडा सहित कई उन्नत अर्थव्यवस्थाओं को पीछे छोड़ते हुए भारत 2026 में दुनिया की पांचवीं सबसे अधिक डिजिटल अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है।
बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, रिपोर्ट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के लिए कनेक्ट, हार्नेस, इनोवेट, प्रोटेक्ट एंड सस्टेन (सीएचआईपीएस) सूचकांक में भारत को विश्व स्तर पर चौथा स्थान दिया गया है, जो केवल संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन और सिंगापुर से पीछे है।
वैश्विक AI उपयोगकर्ताओं में से 26% भारत में हैं
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में वैश्विक AI उपयोगकर्ताओं का लगभग 26 प्रतिशत हिस्सा है और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा AI प्रतिभा पूल है। हालाँकि, यह नोट किया गया कि देश निजी एआई निवेश, कंप्यूटर बुनियादी ढांचे और व्यावसायीकरण क्षमताओं जैसे क्षेत्रों में पिछड़ रहा है।
रिपोर्ट में कहा गया है, “भारत की दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धात्मकता जोखिम पूंजी जुटाने, कंप्यूटर पहुंच का विस्तार करने, विश्वविद्यालय-स्टार्टअप संबंधों को मजबूत करने और एआई व्यावसायीकरण मार्ग बनाने पर निर्भर करती है।”
बुनियादी ढांचे और निवेश की कमी चिंता का विषय बनी हुई है
रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई प्रौद्योगिकियों को तेजी से वैश्विक स्तर पर अपनाने के बावजूद, उन्नत सेमीकंडक्टर चिप्स, हाई-एंड कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर और बड़े भाषा मॉडल सीमित संख्या में देशों और कंपनियों के बीच केंद्रित हैं।
इसमें इस बात पर प्रकाश डाला गया कि भारत के डिजिटल विकास की गति को बनाए रखने और वैश्विक एआई परिदृश्य में अपनी स्थिति में सुधार करने के लिए एआई बुनियादी ढांचे और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र में घरेलू क्षमताओं को मजबूत करना महत्वपूर्ण होगा।
(केएनएन ब्यूरो)

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