
जामिया में RSS से जुड़े कार्यक्रम पर बवाल, छात्र प्रदर्शन हिंसक; कई घायल होने का दावा
‘युवा कुंभ’ कार्यक्रम को लेकर विरोध, प्रशासन और छात्र संगठनों के बीच आरोप–प्रत्यारोप तेज
नई दिल्ली, 29 अप्रैल (जग वाणी न्यूज़ डेस्क): राजधानी स्थित Jamia Millia Islamia में मंगलवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब Students’ Federation of India (SFI) से जुड़े छात्रों का विरोध प्रदर्शन हिंसक झड़प में बदल गया। यह प्रदर्शन Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित ‘युवा कुंभ’ कार्यक्रम के खिलाफ किया जा रहा था।
क्या हुआ घटना के दौरान
मंगलवार को जैसे ही कार्यक्रम शुरू हुआ, SFI से जुड़े छात्र परिसर में इकट्ठा होकर विरोध जताने लगे। स्थिति उस समय बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारी छात्रों और विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। देखते ही देखते यह झड़प उग्र हो गई।
छात्र संगठन SFI का दावा है कि इस दौरान 50 से अधिक छात्र घायल हुए। संगठन के बयान में कहा गया कि कई छात्रों को सुरक्षा कर्मियों ने पीटा, घसीटा और बलपूर्वक हटाया।
हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
प्रशासन का पक्ष
जामिया प्रशासन के एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी PTI से बातचीत में कहा कि झड़प के दौरान किसी भी छात्र को गंभीर चोट नहीं आई।
अधिकारी के अनुसार, “कार्यक्रम पूरी तरह से निर्धारित प्रक्रिया के तहत आयोजित किया गया था। छात्रों को किसी भी कार्यक्रम को लेकर आपत्ति दर्ज कराने का अधिकार है, लेकिन हिंसा का कोई औचित्य नहीं है।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ‘युवा कुंभ’ में युवाओं के भविष्य और भारतीय ज्ञान प्रणाली जैसे विषयों पर चर्चा हुई थी।
छात्र संगठनों की आपत्ति
SFI ने इस कार्यक्रम को “उकसाने वाला कदम” बताते हुए कहा कि विश्वविद्यालय को किसी राजनीतिक या वैचारिक संगठन से जुड़े कार्यक्रम की अनुमति नहीं देनी चाहिए थी।
वहीं, All India Students’ Association (AISA) के दिल्ली अध्यक्ष और जामिया के छात्र सैयद ने प्रशासन पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, “यही जामिया है जहां अन्य छात्र संगठनों को सामान्य चर्चा करने की अनुमति भी मुश्किल से मिलती है, लेकिन RSS को एयर-कंडीशंड हॉल में पूरा कार्यक्रम आयोजित करने दिया गया।”
पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए परिसर के आसपास Delhi Police और Rapid Action Force (RAF) की तैनाती पहले से ही कर दी गई थी।
झड़प के बाद सुरक्षा बलों ने स्थिति को नियंत्रित किया और परिसर में अतिरिक्त निगरानी बढ़ा दी गई।
विवाद की पृष्ठभूमि
यह विवाद सोमवार से ही शुरू हो गया था, जब SFI ने ‘युवा कुंभ’ कार्यक्रम का विरोध करते हुए इसे “प्रत्यक्ष उकसावा” बताया था।
छात्र संगठनों का कहना है कि विश्वविद्यालय परिसर को राजनीतिक और वैचारिक गतिविधियों से दूर रखना चाहिए, जबकि प्रशासन का पक्ष है कि शैक्षणिक और वैचारिक चर्चा के लिए सभी को समान अवसर मिलना चाहिए।
मुख्य विवाद बिंदु (टाइमलाइन)
- सोमवार: SFI ने कार्यक्रम का विरोध दर्ज कराया
- मंगलवार सुबह: सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, पुलिस और RAF तैनात
- दोपहर: छात्र प्रदर्शन शुरू
- कुछ देर बाद: छात्रों और सुरक्षा कर्मियों के बीच झड़प
- शाम: दोनों पक्षों के बयान, आरोप-प्रत्यारोप तेज
आगे क्या
छात्र संगठनों ने संकेत दिया है कि वे भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों का विरोध जारी रखेंगे। वहीं, प्रशासन ने कहा है कि विश्वविद्यालय संवाद और शिकायत के लिए खुला है, लेकिन कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है।
इस घटना ने एक बार फिर विश्वविद्यालय परिसरों में वैचारिक स्वतंत्रता, राजनीतिक गतिविधियों और प्रशासनिक निष्पक्षता पर बहस को तेज कर दिया है।

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