
नई दिल्ली, 22 अप्रैल (केएनएन) ल्यूमिनस पावर टेक्नोलॉजीज ने देश भर में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए किफायती सौर वित्तपोषण तक पहुंच बढ़ाने के लिए भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
सहयोग का उद्देश्य संरचित ऋण पेशकश के माध्यम से एमएसएमई द्वारा सौर ऊर्जा अपनाने के लिए वित्तपोषण को सरल बनाना है, जिसमें 50 करोड़ रुपये तक की फंडिंग और पुनर्भुगतान अवधि 10 साल तक बढ़ सकती है।
रियायती ऋण और त्वरित स्वीकृतियां
द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, व्यवस्था के तहत, पात्र एमएसएमई 2 प्रतिशत तक की ब्याज सब्सिडी के साथ 2 करोड़ रुपये तक का ऋण प्राप्त कर सकते हैं, जिससे प्रभावी ब्याज दरें 6.7 प्रतिशत तक कम हो जाएंगी।
कंपनियों के अनुसार, प्रक्रिया काफी हद तक डिजिटल होगी, जिसमें न्यूनतम दस्तावेजीकरण और त्वरित बदलाव का समय होगा, जिससे सात दिनों के भीतर ऋण स्वीकृत हो सकेगा।
वित्तपोषण मॉडल सिडबी सावधि जमा रसीदों के रूप में नकद संपार्श्विक द्वारा समर्थित 100 प्रतिशत तक परियोजना वित्तपोषण की अनुमति देता है। ब्याज दरें रियायती रहेंगी और उधारकर्ता की क्रेडिट प्रोफ़ाइल से जुड़ी रहेंगी।
एमएसएमई के बीच सौर ऊर्जा अपनाने को बढ़ावा
यह पहल एमएसएमई के सामने आने वाली पूंजी बाधाओं को दूर करने और वित्तपोषण तक अंतिम मील तक पहुंच में सुधार करने के लिए डिज़ाइन की गई है, जिससे सौर ऊर्जा समाधानों को अपनाने में तेजी आएगी।
जबकि ल्यूमिनस अपने 350 से अधिक सेवा केंद्रों के नेटवर्क के माध्यम से स्थापना, परियोजना प्रबंधन और बिक्री के बाद की सेवाओं सहित शुरू से अंत तक सहायता प्रदान करेगा, सिडबी अनुरूप संस्थागत वित्तपोषण सहायता प्रदान करेगा।
इस साझेदारी से एमएसएमई को नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की ओर स्थानांतरित करने, परिचालन दक्षता और स्थिरता में सुधार करने में सक्षम बनाकर भारत के स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण में योगदान देने की उम्मीद है।
(केएनएन ब्यूरो)

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