
कीटनाशकों की कीमतों में 20-25% तक बढ़ोतरी की आशंका, युद्ध और आपूर्ति संकट बना कारण
नई दिल्ली, 21 मार्च 2026: कृषि क्षेत्र के लिए एक चिंताजनक संकेत सामने आया है। प्रमुख उद्योग संस्था CropLife India ने चेतावनी दी है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण कीटनाशकों और फसल सुरक्षा रसायनों की कीमतों में 20-25% तक बढ़ोतरी हो सकती है।
संस्था के अध्यक्ष अंकुर अग्रवाल ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि युद्ध के चलते वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और प्रमुख शिपिंग मार्ग प्रभावित हुए हैं, जिससे इनपुट लागत में तेज उछाल देखने को मिल सकता है।
किसानों पर बढ़ेगा बोझ
अग्रवाल के अनुसार, इस लागत वृद्धि का सीधा असर किसानों पर पड़ेगा, खासकर तब जब देश के अधिकांश हिस्सों में खरीफ सीजन शुरू होने वाला है। उन्होंने चेतावनी दी कि महत्वपूर्ण कृषि मौसम के दौरान आपूर्ति में व्यवधान से कुछ कीटनाशकों की कमी हो सकती है, जिससे फसल की उपज और गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
उद्योग पर भी असर
उन्होंने बताया कि इस अवधि में तकनीकी और फॉर्मूलेशन संयंत्रों की क्षमता उपयोग में गिरावट आ सकती है। इसका असर उद्योग की आय और रोजगार पर भी पड़ेगा, विशेष रूप से एमएसएमई क्षेत्र में।
अग्रवाल ने कहा कि उद्योग सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है और स्थानीय उत्पादन बढ़ाने तथा ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग और प्रोत्साहन की मांग कर रहा है।
नकली उत्पादों का खतरा
एक और बड़ी चिंता नकली और घटिया कीटनाशकों के बढ़ते खतरे को लेकर जताई गई है।
अग्रवाल ने कहा, “आपूर्ति में कमी और अस्थिरता अवैध तथा नकली उत्पादों के प्रसार को बढ़ावा दे सकती है। ऐसे में निगरानी तंत्र को सक्रिय रखना बेहद जरूरी है।”
कृषि क्षेत्र के लिए चेतावनी
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो इसका असर देश की कृषि उत्पादन क्षमता और किसानों की आय पर पड़ सकता है।

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