
नई दिल्ली, 23 मार्च (केएनएन) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष की समीक्षा करने और प्रमुख क्षेत्रों में शमन उपायों का आकलन करने के लिए सुरक्षा पर कैबिनेट समिति की बैठक की अध्यक्षता की।
पीएम मोदी ने एक समन्वित, संपूर्ण-सरकारी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए मंत्रियों और सचिवों के एक समूह के गठन का निर्देश दिया, और सेक्टर-विशिष्ट समूहों को हितधारकों के साथ जुड़ने का भी निर्देश दिया।
कैबिनेट सचिव ने वैश्विक स्थिति का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया, साथ ही अब तक उठाए गए उपाय और सभी संबंधित मंत्रालयों और विभागों द्वारा योजना बनाई जा रही है।
बैठक में कृषि, उर्वरक, पेट्रोलियम, बिजली, एमएसएमई, व्यापार, शिपिंग और आपूर्ति श्रृंखला सहित क्षेत्रों पर संभावित प्रभावों का आकलन किया गया। व्यवधानों को दूर करने के लिए तत्काल और दीर्घकालिक दोनों उपायों पर चर्चा के साथ, समग्र व्यापक आर्थिक दृष्टिकोण की भी समीक्षा की गई।
सरकार ने भोजन, ईंधन और ऊर्जा जैसी आवश्यक आपूर्ति का विस्तृत मूल्यांकन किया। अल्प, मध्यम और दीर्घावधि में इनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के उपायों पर चर्चा की गई।
आगामी खरीफ सीजन के लिए उर्वरक उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने कहा कि मौजूदा भंडार और पिछली तैयारियों से समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी, जबकि वैकल्पिक सोर्सिंग विकल्प तलाशे जा रहे हैं।
बिजली संयंत्रों में कोयले की उपलब्धता पर्याप्त आंकी गई, जिससे बिजली की कमी का तत्काल कोई खतरा नहीं होने का संकेत मिलता है।
मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि उभरते संघर्ष के वैश्विक प्रभाव हैं और नागरिकों को असुविधा कम करने के लिए सभी विभागों को मिलकर काम करने का निर्देश दिया। राज्यों से आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
बैठक में रसायन, फार्मास्यूटिकल्स और पेट्रोकेमिकल जैसे प्रमुख उद्योगों के लिए आयात स्रोतों में विविधता लाने की योजना पर चर्चा हुई। भारतीय वस्तुओं के लिए निर्यात बाजारों का विस्तार करने के प्रयासों की भी योजना बनाई जा रही है।
हितधारकों के परामर्श के बाद आने वाले दिनों में मंत्रालयों के कई प्रस्तावों को लागू किया जाएगा।
(केएनएन ब्यूरो)

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