
नई दिल्ली, 4 दिसंबर (केएनएन) सरकार ने लोकसभा को सूचित किया है कि 1 दिसंबर, 2025 तक 30 लाख कारीगरों और शिल्पकारों को पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत पंजीकृत किया गया है।
एमएसएमई राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने एक लिखित उत्तर में कहा, इनमें से 23.09 लाख लाभार्थियों को पहले ही प्रशिक्षण मिल चुका है।
डिजिटल भुगतान और बाज़ार पहुंच का विस्तार
मंत्रालय ने डिजिटल लेनदेन के लिए क्यूआर कोड बनाने के लिए इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, पेटीएम, पेनियरबाय, भारतपे और फोनपे के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। अब तक 6.8 लाख कारीगरों को 22 करोड़ रुपये का डिजिटल भुगतान प्रोत्साहन मिल चुका है।
घरेलू और वैश्विक बिक्री का विस्तार करने के लिए लाभार्थियों को ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी), फैबइंडिया और मीशो जैसे ऑनलाइन मार्केटप्लेस के माध्यम से भी समर्थन दिया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त, 30,000 से अधिक विश्वकर्मा कारीगरों को सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) पर शामिल किया गया है, जिससे उन्हें संस्थागत खरीदारों तक पहुंच मिल गई है।
चैंपियंस पोर्टल 99 प्रतिशत शिकायतों का समाधान करता है
शिकायत निवारण प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए, मंत्री ने कहा कि एमएसएमई से संबंधित मुद्दों का समर्थन और समाधान करने के लिए डिज़ाइन किया गया आउटपुट और राष्ट्रीय शक्ति (चैंपियंस) पोर्टल बढ़ाने के लिए आधुनिक प्रक्रियाओं का निर्माण और सामंजस्यपूर्ण अनुप्रयोग, 69 राज्य नियंत्रण कक्षों के माध्यम से 23 भाषाओं में संचालित होता है।
26 नवंबर, 2025 तक पोर्टल पर 1,59,577 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 99.24 प्रतिशत (1,58,372 मामले) का जवाब दिया गया है।
बैंकों, वित्तीय संस्थानों, राज्य एजेंसियों और केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यमों (सीपीएसई) ने मंच के माध्यम से उठाए गए प्रश्नों को संभालने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं।
(केएनएन ब्यूरो)

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