मातृभाषा में शिक्षा पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा को मौलिक अधिकार बताया। जानिए इस फैसले का शिक्षा, भाषा और समाज पर क्या असर पड़ेगा।
मातृभाषा का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा की बहस को नई दिशा दे दी
अब सवाल केवल भाषा का नहीं, समझ, पहचान और लोकतांत्रिक भागीदारी का है
भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने मई 2026 में दिए एक ऐतिहासिक फैसले में यह स्पष्ट किया है कि बच्चे को उसकी मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा मिलना केवल “सुविधा” नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकार है।
यह फैसला Padam Mehta v. State of Rajasthan मामले में आया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार को निर्देश दिया कि वह रajasthani भाषा को सभी सरकारी और निजी स्कूलों में विषय के रूप में शुरू करे और चरणबद्ध तरीके से उसे शिक्षा के माध्यम के रूप में लागू करने की दिशा में नीति बनाए।
अदालत ने साफ कहा कि “समझ” शिक्षा की बुनियादी शर्त ...


