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असम विधानसभा में UCC बिल पेश, बहुविवाह पर रोक और पार्टनर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने का प्रस्ताव
असम

असम विधानसभा में UCC बिल पेश, बहुविवाह पर रोक और पार्टनर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने का प्रस्ताव

असम सरकार ने विधानसभा में UCC विधेयक 2026 पेश किया। बिल में बहुविवाह पर रोक और पार्टनर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने का प्रस्ताव है। ST समुदाय को कानून से बाहर रखा गया है। असम विधानसभा में UCC विधेयक पेश, बहुविवाह पर रोक और पार्टनर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने का प्रस्ताव अनुसूचित जनजातियों को दायरे से बाहर रखा गया, विपक्ष ने कहा— बिना व्यापक चर्चा लाया गया कानून गुवाहाटी, 25 मई (जग वाणी न्यूज़ डेस्क): असम सरकार ने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सोमवार को विधानसभा में “असम समान नागरिक संहिता 2026 विधेयक” पेश कर दिया। मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma के नेतृत्व वाली सरकार ने इस विधेयक को कैबिनेट की मंजूरी के बाद सदन में रखा। इसके साथ ही असम, उत्तराखंड और गुजरात के बाद UCC की दिशा में पहल करने वाला तीसरा भाजपा शासित राज्य बन गया है। सरकार की ओर से स...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने NHRC पर उठाए सवाल, मदरसों की जांच पर लगाई रोक
उत्तर प्रदेश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने NHRC पर उठाए सवाल, मदरसों की जांच पर लगाई रोक

इलाहाबाद हाईकोर्ट की एनएचआरसी पर सख्त टिप्पणी, मदरसों की जांच पर उठे गंभीर सवाल कोर्ट ने आयोग की प्राथमिकताओं पर जताई चिंता, 588 मदरसों की ईओडब्ल्यू जांच पर अंतरिम रोक; अगली सुनवाई 11 मई को प्रयागराज, 1 मई (जग वाणी न्यूज़ डेस्क): Allahabad High Court ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी करते हुए उत्तर प्रदेश के मदरसों की जांच के आदेश पर सवाल उठाए हैं। अदालत ने प्रथम दृष्ट्या इसे गैरकानूनी बताते हुए आर्थिक अपराध शाखा (EOW) से कराई जा रही जांच पर फिलहाल रोक लगा दी है। इस मामले ने न्यायपालिका और मानवाधिकार संस्थाओं की भूमिका को लेकर नई बहस छेड़ दी है। कोर्ट की सख्त टिप्पणी सुनवाई के दौरान जस्टिस Atul Sreedharan और जस्टिस Vivek Saran की डिवीजन बेंच ने आयोग की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए। जस्टिस श्रीधरन ने अपने आदेश में कहा कि जब समाज में मॉब लिंचिंग ...
म्यांमार: रोहिंग्या मुसलमानों पर ज़ुल्म की इन्तहा, सेना अबोध बच्चों को मार रही है गोली
म्यांमार

म्यांमार: रोहिंग्या मुसलमानों पर ज़ुल्म की इन्तहा, सेना अबोध बच्चों को मार रही है गोली

प्रतीकात्मक फ़ोटो म्यांमार में रोहिंग्या संकट गहराया: राखाइन प्रांत में भड़की भीषण हिंसा, अब तक 200 से अधिक मौतें रखाइन प्रांत (म्यांमार): म्यांमार के राखाइन प्रांत में रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ जारी जातीय हिंसा ने अब एक विकराल और भयानक रूप ले लिया है। गत 25 अगस्त से शुरू हुए इस ताजा संघर्ष में रोहिंग्या मुस्लिम समुदाय और म्यांमार की सेना के बीच चल रही जंग में अब तक 200 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। मानवाधिकार संगठन की चिंताजनक रिपोर्ट अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन “ह्यूमन राइट्स वॉच” के अनुसार, पिछले डेढ़ सप्ताह में स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई है: राखाइन प्रांत में रोहिंग्या मुस्लिमों के लगभग 1,200 घरों को ढाह दिया गया है। करीब 700 घरों को आग के हवाले कर दिया गया है। ऐसी विचलित करने वाली खबरें भी आ रही हैं कि म्यांमार की सेना बच्चों को गोलिय...
देश

सुप्रीम कोर्ट का आदेश: गौरक्षा के नाम पर हिंसा रोकने के लिए हर जिले में तैनात होंगे नोडल ऑफिसर

गौरक्षा के नाम पर हिंसा बर्दाश्त नहीं: सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख, हर जिले में तैनात होंगे 'नोडल ऑफिसर' नई दिल्ली: देश में गौरक्षा के नाम पर होने वाली हिंसा और मुस्लिम-दलित विरोधी घटनाओं पर सर्वोच्च न्यायालय ने कड़ा प्रहार किया है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि गौरक्षा के नाम पर कानून हाथ में लेना और हिंसा फैलाना कतई स्वीकार्य नहीं है। अदालत ने इस पर रोक लगाने के लिए सरकारों को ठोस व्यवस्था बनाने का आदेश दिया है। हर जिले में होगी नोडल अफसर की नियुक्ति अदालत ने देश के प्रत्येक जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने और इस प्रकार की हिंसा को रोकने के लिए एक विशेष तंत्र विकसित करने का निर्देश दिया है: नोडल ऑफिसर: हर जिले में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को बतौर 'नोडल ऑफिसर' नियुक्त किया जाएगा। समय सीमा: सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को इन अधिकारियों की नियुक्ति की...